पढ़े, प्रायवेट में यूरिया खत्म और सहकारी में मंडरा रहा संकट

By: Devendra Kumar Karande

Updated On:
13 Aug 2019, 05:04:03 AM IST

  • बारिश का दौर थमने के बाद अब यूरिया की डिमांड काफी बढ़ गई है। प्रायवेट दुकानों में जहां यूरिया पूरी तरह से खत्म हो चुका हैं, वहीं सहकारी में भी यूरिया का संकट गहराने लगा है।

बैतूल। बारिश का दौर थमने के बाद अब यूरिया की डिमांड काफी बढ़ गई है। प्रायवेट दुकानों में जहां यूरिया पूरी तरह से खत्म हो चुका हैं, वहीं सहकारी में भी यूरिया का संकट गहराने लगा है। यूरिया के लिए किसान सोसायटी के चक्कर काट रहे हैं लेकिन सरकारी छुट्टियों के चलते खाद का उठाव नहीं हो सका। जिला विपणन संघ के मुताबिक खरीफ सीजन में अभी तक २७ हजार ४४ मीट्रिक टन यूरिया का वितरण किया जा चुका हैं। फिलहाल डबल लॉक में यूरिया उपलब्ध नहीं है जल्द यूरिया की रेक लगने वाली है। जो स्थिति है उसमें यूरिया के नहीं मिलने से किसान खासे परेशान है और उन्हें दुकानों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
प्रायवेट में यूरिया खत्म
बैतूल जिले में करीब ७० से ७५ दुकानें खाद-बीज का कारोबार करती है। इन दुकानों में पिछले एक महीने से यूरिया उपलब्ध नहीं है। यूरिया की जो दो रेक पहले आई थी उसमें प्रायवेट को हिस्सा नहीं दिया गया था। जिसके कारण प्रायवेट में यूरिया का संकट बना हुआ है। अब एनएफएल कंपनी के यूरिया की जो नई रेक आने वाली है उसमें प्रायवेट को २० प्रतिशत यूरिया देने की बात कहीं जा रही है। प्रायवेट सेक्टर में यूरिया नहीं मिलने के कारण किसानों के सामने दोहरा संकट खड़ा हो गया है। बताया गया कि प्रायवेट सेक्टर के लिए ८ हजार ६०० मीट्रिक टन यूरिया वितरण का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन अभी तक ४ हजार मीट्रिक टन के लगभग ही यूरिया का वितरण हो सका है।
सहकारी सोसायटियों में भी संकट
यूरिया को लेकर सहकारी सोसायटियों में भी संकट की स्थिति बनी हुई है। बीते चार दिनों से छुट्टियों के कारण सोसायटी नहीं खुलने से किसानों को यूरिया नहीं मिल सका है। बताया गया कि सहकारी सेक्टर के लिए यूरिया वितरण का लक्ष्य ३४ हजार ४०० एमटी रखा गया था। जिसमें से २७ हजार ३२९ एमटी यूरिया उपलब्ध हो चुका हैं। जबकि वितरण की स्थिति २७ हजार ४४ एमटी है। डबल लॉक गोदामों से यूरिया का वितरण सोसायटियों में कर दिया गया है। इस साल सहकारी सेक्टर में यूरिया की डिमांड बढऩे के कारण प्रायवेट सेक्टर को दिए जाने वाले यूरिया पर भी रोक लगा दी गई थी। वहीं डीएपी खाद का आवंटन लक्ष्य के विरूद्ध ३ हजार ८२४ मीट्रिक टन अधिक हुआ है।
खाद के लिए परेशान हो रहे किसान
बारिश थमने के बाद जिले में यूरिया की डिमांड काफी बढ़ गई है। यूरिया नहीं मिलने से किसान खासे परेशान है और उन्हें दुकानों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। इधर कृषि विभाग पर्याप्त मात्रा में यूरिया उपलब्ध होने का दावा कर रहा है लेकिन जो सरकारी आंकड़े हैं वह बताते हैं कि लक्ष्य के अनुरूप अभी तक यूरिया की उपलब्धता पूरी नहीं हो सकी है। प्रायवेट में भी यूरिया का सफाया हो चुका हैं इसलिए किसानों की चिंता बढ़ रही है। वहीं कुछ प्रायवेट दुकानदारों द्वारा यूरिया का स्टॉक कर उसे महंगे दामों में बेचा जा रहा है। तो कुछ दुकानदार यूरिया के साथ अन्य चीजें भी किसानों को टिका दे रहे हैं। जिससे किसानों पर खाद का बोझ बढ़ रहा है।
इनका कहना
- एनएफएल यूरिया की २९१२ मीट्रिक टन की रेक मंगलवार को बैतूल पहुंचने वाली है। इसमें ८० प्रतिशत सहकारी एवं २० प्रतिशत प्रायवेट में यूरिया का वितरण जाएगा। समितियों की डिमांड ज्यादा है इस वजह से थोड़ी दिक्कत आ रही है। वैसे इसी महीने दो रेक लग चुकी हैं और यह तीसरी रेक आ रही है। - नितेश गोतिया, खाद्य प्रभारी जिला विपणन संघ बैतूल।

Updated On:
13 Aug 2019, 05:04:03 AM IST

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