बेमेतरा विधानसभा चुनाव : स्वच्छ राजनीतिक बदलाव के लिए युवाओं को आना होगा आगे

By: Laxmi Narayan Dewangan

Published On:
Sep, 13 2018 12:13 AM IST

  • चेंजमेकर्स ने रखे विचार - कहा पुराने ढर्रे की बजाए अब नई सोच के साथ हमें बढऩा होगा आगे

बेमेतरा. समय के साथ चुनावी परिवेश में काफी बदलाव आ चुका है। संचार क्रांति की वजह से नई पीढ़ी की सोच पूरी तरह से बदल गई है। अब पुराने ढर्रे पर चलने की बजाए आगे बढऩे के लिए नई अनजाने राह पर चलने को तैयार है। वहीं पुरानी पीढ़ी की भी सोच में समय के साथ बदलाव देखने को मिल रहा है, अब वे भी नई पीढ़ी को साथ देने तैयार है। पत्रिका के स्वच्छ करो राजनीति के अभियान का वे समर्थन कर रहे हैं।

राजनीति में बदलाव की बयार लाने की बेहतर सोच को दर्शाती यह बातें पत्रिका समूह के महाअभियान चेंजमेकर 'स्वच्छ करें राजनीतिÓ के तहत चेंजमेकर्स ने कहीं। पत्रिका ने अभियान की कड़ी को आगे बढ़ाते हुए बेमेतरा विस क्षेत्र के बेमेतरा जिला मुख्यालय में परिचर्चा कराई गई, जिसमें चेंजमेकर और वॉलेंटियर्स ने अपनी बातें रखीं। इस दौरान मौजूद रूपप्रकाश यादव, आनंद शर्मा, योगेश कुमार शर्मा, नीरज चंाडक, सुभेश मिश्रा, खेम चंद्राकर ओमीता साहू, विवके कोसले, शेखर सिंह, निधी ठाकुर, रोशन वर्मा ने राजनीति में बदलाव को लेकर अपने अपने विचार रखे।

सक्रिय समाजसेवियों को संभालनी चाहिए देश की बागडोर
अब तक माना जाता रहा है कि हमारे देश की राजनीति में कोई रिटायर नहीं होता। लेकिन अब वक्त आ गया है कि राजनीति में बदलाव के लिए युवाओं को आगे आना होगा, जिससे बरसों से जमे लोगों को अलविदा कह दिया जाए। अब राजनीति की परी-पाटी बदलते हुए पढेे-लिखे, प्रोफेशनल्स और सक्रिय समाजसेवियों को स्वच्छ राजनीति के लिए देश की बागडोर संभालनी होगी, तभी लोकतंत्र मजबूत होगा।

सांसद और विधायक को सिर्फ भत्ता मिले और रिटारमेंट भी निर्धारित हो
चेंजमेकर समाजसेवक ताराचंद माहेश्वरी ने परिचर्चा में बड़ा सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि सासंद और विधायकों को वेतन क्यों दिया जाना चाहिए? हालत यह है कि इन्हें आईएएस और आईपीएस अधिकारियों के बराबर वेतन दिया जा रहा है। इस व्यवस्था में ही बदलाव की जरूरत है। सांसद और विधायक को सिर्फ भत्ता दिया जाए। उनका रिटारमेंट भी निर्धारित होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश में आईएएस अधिकारी ने नौकरी छोड़कर राजनीति में कदम रखा है। हमारे युवाओं को उनसे सीख लेनी चाहिए। स्पष्ट विजन हो तो सबकुछ आसान है। बशर्ते राजनीति को कॅरियर समझने के साथ समाज को नई दिशा देने का माध्यम भी बना लिया जाए।

व्यक्तित्व, योग्यता व विजन परखने के बाद ही देना चाहिए वोट
जितेंद्र कुमार राजपूत ने कहा कि अच्छे और पढ़े-लिखे लोगों को राजनीति में आना चाहिए। इसके बिना परिवर्तन नहीं आ सकता। जब प्रत्याशी को वोट देने की बात आती है तो लोग इसकी-उसकी सुनते हैं, लेकिन ऐसा नहीं करना चाहिए। हमें व्यक्तित्व परखना चाहिए, योग्यता, विजन को प्रमुखता देनी चाहिए। परखने के बाद ही वोट देना चाहिए। उन्होंने कहा हमें स्वच्छ छवि के लोगों पर ही ध्यान देना चाहिए।

देश हित के लिए अच्छी छवि वाले लोगों की राजनीति में है जरूरत
छात्र नेता नीतू कोठारी ने कहा कि राजनीति गलत नहीं है, इसी के माध्यम से नए लीडर का उदय होता है। जनता की बातों को संसद व विधानसभा तक ये ही पहुंचाकर परेशानियां दूर करते हैं, जरुरतों की पूर्ति करते हैं। साहू ने कहा पर वर्तमान में राजनीति में दागदार लोगों की भागीदारी से स्थिति विपरीत होती जा रही है। ऐसे में इसमें अच्छी छवि के लोगों के शामिल होने की आवश्यकता महसूस की जा रही है।

5 सालों में आपने क्या किया? यह सवाल जरुर पूछना
आशीष तिवारी ने कहा कि अभी चुनाव आने वाले हैं। सभी दलों के प्रत्याशी आपके द्वार आएंगे, तब उनसे यह सवाल जरूर पूछना कि पिछली जीत के 5 सालों में आपने क्या किया? चुनाव जीतने के बाद शिक्षा का स्तर सुधारने क्या रणनीति होगी? हमारे बच्चे शिक्षा के लिए मोटी रकम क्यों चुकाएं? परिचर्चा के दौरान ग्रामीण वालंटियर ओमिका साहू, गौरव साहू, विवेक कोसले मौजूद थे।

Published On:
Sep, 13 2018 12:13 AM IST

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