ब्यावर शहर का फैला दायरा,नगरीय सीमा का कब होगा विस्तार!

By: Suresh Bharti

Published On:
Jun, 12 2019 07:02 AM IST

  • ब्यावर शहर के पेराफेरी क्षेत्र में करीब छह सौ कॉलोनियां स्वीकृत, बुनियादी सुविधाओं के अभाव में लोगों को परेशानी, नगरीय सीमा बढ़ाने के प्रति नगर परिषद प्रशासन की कथित उदासीनता

भगवतदयालसिंह

ब्यावर (अजमेर) आबादी बढ़ रही है तो मकान व प्रतिष्ठान की संख्या में भी इजाफा होगा। वाहनों की संख्या बढऩा भी स्वाभाविक है। ब्यावर औद्योगिक शहर है जो पाली व राजसमंद जिले की सीमा से सटा हुआ है। यहां हजारों लोग दूसरे जिलों के आकर बस गए। व्यापार-व्यवसाय के हिसाब से भी यहां हजारों परिवारों ने अपना निवास बना लिया।

नगर परिषद सहित भू-कारोबारियां ने कई कॉलोनियां विकसित की है। इसके बावजूद 35 साल से नगरीय सीमाओं का विस्तार नहीं हुआ। इस दौरान ब्यावर शहर में करीब पांच सौ नई कॉलोनियां विकसित हो गई। इनमें आधे से अधिक आबाद भी है। इन कॉलोनियों में मूलभूत सुविधाएं भी पहुंच गई, लेकिन इनको फिलहाल नगरीय सीमा में शामिल नहीं किया गया है।

इसके अलावा अस्वीकृत कॉलोनियां भी बड़ी संख्या में विकसित हुई। नगरीय सीमा बढ़ाने के प्रति नगर परिषद प्रशासन की कथित उदासीनता मानी जा सकती है, जबकि नगर परिषद की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है। यदि इन्हें नगरीय सीमा में शामिल किया जाता तो शहर का विस्तार होने से नगर परिषद के राजस्व आय में इजाफा होता।

कई कॉलोनियां आबाद

ब्यावर शहर की नगरीय सीमा का विस्तार वर्ष 1983 में किया गया था। इसके बाद से अब तक कुछ नहीं हुआ। इन साढ़े तीन दशक में ब्यावर शहर में कई कॉलोनियां आबाद हो गई। नगर परिषद की ओर से करीब छह सौ से अधिक नई कॉलोनियों को स्वीकृत किया गया, जबकि अस्वीकृत विकसित कॉलोनियों की संख्या इसमें शामिल नहीं है। अनुमान है कि छह सौ में से तीन सौ कॉलोनियां आबाद हो गई। इन कॉलोनी के लोगों को मुलभूत सुविधाएं भी मिलने लगी है। अब तक इनको नगरीय क्षेत्र में शामिल नहीं किया गया है।

हाउसिंग बोर्ड सेक्टर संख्या-एक भी नहीं हो सका शामिल

हाउसिंग बोर्ड के विकसित हुए तीन दशक से अधिक का समय गुजर गया है। हाउसिंग बोर्ड में चार सेक्टर है। इनमें से दो से चार तक के सेक्टर को नगरीय सीमा में शामिल कर दिया गया। इसमें स्थित सेक्टर संख्या एक को अब तक नगरीय सीमा में शामिल नहीं किया गया है, जबकि इसके बाद विकसित हुए गढ़ी थोरियान हाउसिंग बोर्ड भी नगरीय सीमा में है।

...तो हो जाएंगे करीब 75 वार्ड

ब्यावर शहर में जनसंख्या के अनुरूप वार्डो का परिसीमन किया जा रहा है। इसमें शहर में वार्डो की संख्या 45 से बढक़र 60 हो रही है। नवविकसित कॉलोनियों को अगर शहरी सीमा में मिलाकर नए वार्ड बनाए जाएं तो वार्डो की संख्या करीब 75 तक हो सकती है। जबकि वर्ष 2011 की जनगणना में पैराफेरी के कई क्षेत्रों को शहरी माना गया है। अब भी वे नगरीय सीमा में शामिल नहीं है।

यह है कार्यक्रम

नगर परिषद आयुक्त की ओर से चार जुलाई तक वार्डो के पुर्नसीमांकन के प्रस्ताव तैयार कर प्रकाशन करना होगा। 15 जुलाई तक वार्डो के पुर्नसीमांकन पर आपतियां ली जाएगी। 22 जुलाई तक आपतियों पर टिप्पणी सहित राज्य सरकार को भिजवानी होगी। राज्य सरकार की ओर से 19 अगस्त तक पुर्नसीमांकन वार्डो का राजपत्र में अंतिम प्रकाशन होगा।

Published On:
Jun, 12 2019 07:02 AM IST

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