प्रवर्तन अधिकारी पर गिरी गाज, ब्यावर से हटाया

By: Bhagwat Dayal Singh

Published On:
Jul, 11 2019 08:23 PM IST

  • प्रवर्तन अधिकारी पर गिरी गाज, ब्यावर से हटाया
    मसूदा प्रवर्तन अधिकारी को सौंपा अतिरिक्त कार्यभार
    आईएएस की आईडी से बायपास करने का मामला


पत्रिका न्यूज नेटवर्क
ब्यावर. भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी व ब्यावर उपखंड अधिकारी की आईडी से खाद्य सुरक्षा योजना के तहत बिना ओटीपी (वन टाइम पासवर्ड) जारी किए बाइपास विकल्प का उपयोग कर लाभान्वित करने के मामले में रसद प्रवर्तन अधिकारी पर गाज गिरी है। ब्यावर रसद प्रवर्तन अधिकारी हेमन्त आर्य को ब्यावर से हटाकर जिला रसद अधिकारी द्वितीय कार्यालय में लगाया है और मसूदा की प्रवर्तन अधिकारी भावना दयाल को ब्यावर का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा है। जिला रसद अधिकारी द्वितीय विनय कुमार शर्मा ने इस आशय के आदेश मंगलवार को जारी किए है। इस मामले में रसद विभाग की ओर से चार राशन डीलरों के लाइसेंस पहले ही निलम्बित किए जा चुके है। गौरतलब है कि उपखंड कार्यालय में रसद शाखा के कर्मचारियों ने बिना भौतिक सत्यापन किए ही खाद्य सुरक्षा के आवेदनों को सत्यापित कर दिया। जबकि यह उन लोगों के लिए एक वैकल्पिक व्यवस्था है, जिनके फिंगर प्रिंट पोस मशीन रीड नहीं करती है। ऐसे उपभोक्ताओं को इस विकल्प के जरिए रसद सामग्री दिए जाने के व्यवस्था की गई है। इस व्यवस्था की आड़ में बिना भौतिक सत्यापन किए ही आईएएस की आइडी से ऐसे कई आवेदन को सत्यापित कर दिए। इस मामले में उपखंड अधिकारी ने रसद विभाग को जांच के आदेश दिए। रसद विभाग ने मसूदा प्रवर्तन अधिकारी को जांच सौंपी।

मरने के बाद भी उठती रही सामग्री
जिन उपभोक्ताओं के फ्रिगर प्रिंट को पोस मशीन रीड नहीं करती है तो उन्हें रसद सामग्री नहीं मिल पाती है। ऐसे रसद उपभोक्ताओं को रसद सामग्री मिल सके। इसके लिए एक बाइपास विकल्प तैयार किया गया। इसमें फिं गर प्रिंट रीड नहीं करने वाले एवं मोबाइल पर ओटीपी नहीं आने वाले उपभोक्ताओं को उपखंड कार्यालय की ओर से सत्यापित कर कूपन जारी किए जाते है। ताकि उन्हें रसद सामग्री मिल सके। अभी तक की जांच में सामने आया है कि जो लोग मर चुके, उनका बायपास कर उनके नाम से भी सामग्री उठाकर घपला किया।

जांच अधिकारी ने नहीं सौंपी रिपोर्ट
मामले की जांच शुरू हुए करीब डेढ़ माह हो चुका है लेकिन अभी तक जांच पूरी नहीं हुई है। जांच अधिकारी भावना दयाल की जांच रिपोर्ट सौंपने से पहले ही रसद विभाग ने चार राशन डीलरों के लाइसेंस निलम्बित कर दिए और अब प्रवर्तन अधिकारी को ब्यावर से हटा दिया। इससे ही मामले की गम्भीरता का अन्दाज लगाया जा सकता है। माना जा रहा है कि बायपास कर रसद सामग्री वितरण में बड़ा गड़बड़झाला किया गया है।

लम्बे समय से जमे थे आर्य
रसद प्रवर्तन अधिकारी हेमन्त आर्य ब्यावर में लम्बे समय से जमे हुए थे। पूर्व में हुई गैस सिलेंडर दुखान्तिका में भी सिलेंडर के अवैध रिफलिंग व अवैध भंडारण को लेकर आय पर गाज गिरना तय माना जा रहा था। लेकिन इस मामले में कोई कार्यवाही नहीं हुई। इस मामले में राजस्व मंडल चेयरमेन की अध्यक्षता में गठित की गई जांच कमेटी ने रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंपी और राज्य सरकार के स्तर पर जांच लम्बित है।

इनका कहना है...
बाइपास करने के मामले में जांच चल रही है। जल्द ही पूरी होने पर जांच अधिकारी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। इसके बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल हुई जांच के आधार पर पहले राशन डीलरों के लाइसेंस निलम्बित किए है और अब प्रवर्तन अधिकारी को ब्यावर से हटा दिया है।
विनय शर्मा, जिला रसद अधिकारी (द्वितीय) अजमेर

Published On:
Jul, 11 2019 08:23 PM IST

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