चमकते आैर मजबूत दांतों के लिए कीजिए ऑयल पुलिंग

By: Yuvraj Singh Jadon

Updated On: Feb, 06 2019 08:01 PM IST

  • पारंपरिक आयुर्वेद में दांतों, जीभ और मुंह के भीतरी हिस्से को स्वस्थ रखने के लिए ऑयल पुलिंग यानी स्निग्ध गंडूशा का प्रयोग किया

पारंपरिक आयुर्वेद में दांतों, जीभ और मुंह के भीतरी हिस्से को स्वस्थ रखने के लिए ऑयल पुलिंग यानी स्निग्ध गंडूशा का प्रयोग किया जाता रहा है। भले ही इन दिनों इसका प्रचलन कम हो गया हो लेकिन यह थैरेपी कई बीमारियों का प्रभाव कम या खत्म करने में उपयोगी मानी जाती है। आइए जानते हैं इसके फायदों के बारे में :-

ऐसे होता है प्रयोग
इसमें तिल, सूरजमुखी या नारियल का तेल लेकर मुंह में घुमाया जाता है। 10-15 मिनट बाद जब तेल पतला हो जाता है तो इसे थूक दिया जाता है और मुंह अच्छी तरह से साफ कर लिया जाता है।ध्यान रहे कि तेल काे निगलना नहीं है।

ये हैं फायदे
ऑयल पुलिंग की प्रक्रिया से मुंह के बैक्टीरिया नष्ट होते हैं और दांतों की सेंसिटिविटी कम होती है। इस थैरेपी से सिरदर्द, ब्रोंकाइटिस, दांतदर्द, अल्सर, पेट, किडनी, आंत, हार्ट, लिवर, फेफड़ों के रोग और अनिद्रा में राहत मिलती है।

Published On:
Feb, 06 2019 08:01 PM IST

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