सरहदी जिलों में 'विस्फोट, हर तरफ हर जगह बेशुमार आदमी...

By: Mahendra Trivedi

Updated On:
11 Jul 2019, 07:49:38 PM IST

  • सरहद पर हदपार आबादी, बाड़मेर-जैसलमेर-बीकानेर तीनों वृद्धि में अगाड़ी
    जनसंख्या दिवस विशेष
    सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा रही है बॉर्डर पर बढ़ती आबादी

महेन्द्र त्रिवेदी
बाड़मेर.भारत-पाक सीमा से सटे तीन जिलों बाड़मेर-जैसलमेर , बीकानेर में जनसंख्या की अप्रत्याशित वृद्धि ने सुरक्षा एजेंसियों के भी कान खड़े कर दिए है। 2001-2011 की दशकीय वृद्धि में आगे रहे इन जिलों में प्रदेश सरकार की ओर से जनसंख्या नियंत्रण के विशेष प्रयास नहीं करने का नतीजा है कि हर साल यहां एक लाख से अधिक बच्चे जन्म ले रहे है। सीमावर्ती बाड़मेर जिले में सर्वाधिक प्रतिवर्ष 1 लाख 1532 बच्चों का जन्म हो रहा है, यहां प्रतिदिन 278 बच्चे जन्म ले रहे है। बाड़मेर की जनसंख्या 35 लाख से अधिक पहुंच गई है। अप्रत्याशित वृद्धि का आंकड़ा 2011 में सामने आने के बाद भी नसबंदी सालभर में 8500 से 9000 के बीच ही हो रही है जो तय लक्ष्य का महज 45 प्रतिशत है। संस्थागत प्रसव 55 से 60 प्रतिशत ही है।
क्यों बढ़ रही है जनसंख्या-
- बाड़मेर व जैसलमेर में अल्पंख्यक समुदाय बाहुल्य है। जनसंख्या वृद्धि का सर्वाधिक प्रतिशत इसी वर्ग में है।
- दोनों जिलों में पिछले दो दशक में बाहरी लोग बढ़े है। तेल-गैस-पर्यटन व नौकरी की वजह से परिवार यहां आए है।
- परिवार कल्याण योजनाओं को लेकर विभागीय स्तर पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
- विवाह की औसत उम्र अभी भी 16 से 18 वर्ष के बीच है जो कि कम उम्र में अधिक विवाह को दर्शा रही है।
प्रदेश के तीन जिले जहां सर्वाधिक रही जनसंख्या वृद्धि (2001-2011 )
जिला दशकीय वृद्धि मौजूदा जनसंख्या
बीकानेर- 41.19 2363937
बाड़मेर-32.52 2603751
जैसलमेर- 31.81 669919

Updated On:
11 Jul 2019, 07:49:38 PM IST

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