कांग्रेस शासन में लगा विकास को ग्रहण

By: Hansraj Sharma

Published On:
Jun, 12 2019 06:46 PM IST

  • जिला परिषद की साधारण सभा बुधवार को यहां मिनी सचिवालय के सभागार में हुई। इसमें एक निर्वाचित जिला परिषद सदस्य पति के साथ पहुंची, लेकिन मामला उस समय बिगड़ गया जब जब महिला सदस्य के पति ने छबड़ा क्षेत्र की गुगोर पुलिया का कार्य बंद कराने का आरोप लगाया।

जिला परिषद की साधारण सभा की बैठक
सांसद सिंह ने जताई खासी नाराजगी
बारां. जिला परिषद की साधारण सभा बुधवार को यहां मिनी सचिवालय के सभागार में हुई। इसमें एक निर्वाचित जिला परिषद सदस्य पति के साथ पहुंची, लेकिन मामला उस समय बिगड़ गया जब जब महिला सदस्य के पति ने छबड़ा क्षेत्र की गुगोर पुलिया का कार्य बंद कराने का आरोप लगाया। इस पर जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने उक्त सदस्य पति को सभा से बाहर भेज दिया। हंगामेदार रही इस सभा में क्षेत्रीय सांसद दुष्यंत सिंह ने छबड़ा क्षेत्र में विकास कार्यों में बरतने का आरोप लगाते हुए जिम्मेदार अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। वे यही नहीं रुके, उनके जिला कलक्टर को कांग्रेस का एजेंट बताते हुए यह भी कहा कि कांग्रेस शासन में विकास को ग्रहण लग गया। सभा की अध्यक्षता जिला प्रमुख नंदलाल सुमन ने की।
राज्य सरकार के पास नहीं पैसा
सांसद सिंह सभा की शुरुआत से ही कई मसलों को लेकर खासे उद्धेलित रहे। उन्होंने कहा कि अन्ता के पाटोन्दा क्षेत्र में ३० हजार किसानों के १७० करोड़ रुपए के ऋण माफ होने की जानकारी दी जा रही है, जिला कलक्टर बताए कि कितने किसानों के कर्ज माफ हुए हैं। जिले की सडक़ें खराब हैं, रपटे व पुलियाएं क्षतिग्रस्त हैं, राज्य सरकार के पास पैसा नहीं है। ऐसे में ग्रामीण विकास की योजनाएं कैसे चलेंगी। सांसद ने सीसवाली क्षेत्र में पुलिस की मदद से अवैध खनन का आरोप भी लगाया। इसी दौरान बारां पंचायत समिति के प्रधान अजीत सिंह माथनी ने एक बार फिर माथना ग्राम ग्राम सेवा सहकारी समिति का ४८ लाख के गबन का आरोप लगाया।
मनरेगा में हो रहा फर्जीवाड़ा
इसमें सदस्य लोकेश पंकज ने महात्मा गांधी नरेगा योजना में भ्रष्टाचार का मामला उठाया। उन्होंने कहा कि मेट पहले ता श्रमिकों की अनुपस्थिति लगा देते हैं, बाद में मस्टररोल में कांट-छांट कर मजदूर से पचास रुपए लेते हैं तथा उनकी उपस्थिति दर्ज कर देते हैं। ग्रामीण क्षेत्र में हो रहे विकाय कार्यों की निगरानी नहीं होने से भ्रष्टाचार चरम पर है। इस पर अंकुश लगाने के लिए अधिकारियों को पहल करनी होगी।
मुद्दे जो सभा में छाए रहे
सुबह ग्यारह बजे शुरू हुई यह सभा दोपहर ढाई बजे तक चली। इसमें पेयजल, चिकित्सा, सडक़, रसद वितरण समेत कई मुद्दे सदस्यों ने उठाए। सदस्य सत्यनारायण भूमल्या ने कहा कि हम सभा कर रहे हैं, लेकिन बिजली की टिपिंग से पसीना-पसीना हो रहे हैं। इसमें वार्ड १६ की सदस्य सरोज मीणा के साथ उनके पति मनीष मीणा भी पहुंचे थे। उन्होंने गुगोर की पुलिया का निर्माण बंद कराने पर खासा आक्रोश जताया, इस पर जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी बृजमोहन बैरवा ने उन्हें बैठक में आने के लिए अधिकृत नहीं होने की जानकारी देते हुए बाहर भेज दिया। इसके बाद उनकी पत्नी सरोज मीणा ने गुगोर की पुलिया के निर्माण का मामला उठाया।
सभा में यह रहे मौजूद
सभा में किशनगंज के प्रधान सेवाराम मीणा, अन्ता की प्रधान मंजू दाधीच, अटरू के अजय सिंह व बारां के प्रधान अजीत सिंह समेत कई जनप्रतिनिधि व विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे। जिला प्रमुख नंदलाल सुमन ने अधिकारियों से परिषद के सदस्यों व जनप्रतिनिधियों की भावना के अनुरूप कार्य करने तथा गांवों तक विकास की योजनाएं पहुंचाने का आह्वान किया।

Published On:
Jun, 12 2019 06:46 PM IST

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