अब रफ्तार की निगरानी करेगा वाहन गति सीमा प्रणाली

Shankar Sharma

Publish: Sep, 12 2018 10:12:35 PM (IST)

यातायात नियमों को सख्ती से लागू करने में लगी शहर की यातायात पुलिस के लिए अब तक की सबसे बड़ी परेशानी वाहनों की गति सीमा उल्लंघन के मामलों को न पकड़ पाना था।

बेंगलूरु. यातायात नियमों को सख्ती से लागू करने में लगी शहर की यातायात पुलिस के लिए अब तक की सबसे बड़ी परेशानी वाहनों की गति सीमा उल्लंघन के मामलों को न पकड़ पाना था। हालंाकि गति सीमा उल्लंघन के मामले अब इतिहास बनने वाले हैं क्योंकि शहर की प्रमुख सडक़ों पर चालक फीडबैक साइनबोर्ड की स्थापना की है। प्रौद्योगिकी आधारित इन बोर्डों में वाहनों की गतिसीमा स्वचालित रूप से पकड़ में आ जाएगी। हालांकि अभी तक यह निर्णय नहीं हुआ है कि इनकी मदद से गति सीमा उल्लंघन करने वालों पर जुर्माना लगाया जाएगा।


प्रत्येक सडक़ के लिए वाहनों की गति सीमा निर्धारित है लेकिन अक्सर देखने में आता है कि वाहन चालक गति सीमा का उल्लंघन करते हैं और तेज गति से वाहन चलाने के कारण न सिर्फ खुद के लिए खतरा उत्पन्न करते हैं बल्कि अन्य वाहन चालकों और राहगीरों के लिए भी मुसीबत बन जाते हैं। सडक़ हादसों के प्रमुख कारणों में गति सीमा उल्लंघन प्रमुख है और इस वर्ष भी विभिन्न हादसों में बेंगलूरु में अब तक ४४४ लोगों की जान जा चुकी है।


शहर की कुछ सडक़ें सडक़ दुर्घटनाओं के लिए बदनाम हैं जिनमें यलहंका, केआरपुरम, चिक्कजाला, देवनहल्ली और हवाई अड्डा रोड प्रमुख हैं। ये क्षेत्र हाइवे से जुड़े हैं और अक्सर हाइवे पर तेज रफ्तार की जानलेवा शौक को पूरा करने के चक्कर में लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ती है।

इस पर नियंत्रण के लिए बेंगलूरु यातयात पुलिस (बीटीपी) ने विशेष किस्म की गति सीमा निगरानी प्रणाली वाले बोर्डों को शहर की दस प्रमुख सडक़ों पर लगाया है। इनमें से छह की स्थापना आउटर रिंग रोड में विभिन्न स्थानों पर की गई जबकि बल्लारी रोड और तुमकूरु रोड पर दो-दो बोर्ड लगाए गए हैं। ये बोर्ड सेंसर आधारित हैं जो वाहन की गति सीमा को ५० मीटर की दूरी पर ही पकड़ लेते हैं। ऐसे में अगर कोई वाहन गति सीमा का उल्लंघन करता है तो वह आसानी से इसकी पकड़ में आ जाएगा।


पिछले वर्ष ६०९ लोगों की हुई थी मौत
वर्ष-२०१७ में बेंगलूरु में ५०६४ सडक़ हादसे हुए जिनमें ६०९ लोगों की मौत हुई। दुर्घटना का एक प्रमुख कारण वाहन का गति सीमा उल्लंघन रहा। वहीं इस वर्ष जनवरी से अगस्त तक ३११८ सडक़ दुर्घटनाएं हुई हैं जिनमें ४४४ लोगों की मौत हुई है। मई महीने में सर्वाधिक ७३ लोगों की मौत हुई थी। इस वर्ष सर्वाधिक सडक़ हादसे वाले क्षेत्रों में केआरपुरम में १७२, कामाक्षीपाल्या में १५६, पीनिया में १५३, यलहंका १४७ और व्हाइटफील्ड में १३२ दुर्घटनाएं हुईं। वहीं यलहंका में सर्वाधिक ३० लोगों की मौत हुई जबकि केआरपुर और चिक्कजाला में प्रत्येक में २८ जबकि देवनहल्ली में २१ और एयरपोर्ट रोड पर १५ लोगों ने जान गंवाई है।

दुर्घटनाएं रोकने की कोशिश
&गति सीमा निर्देश वाले दस बोर्ड लगाए गए हैं लेकिन जल्द ही शहर में ५० बोर्ड स्थापित किए जाएंगे जिससे चालकों को वाहन गतिसीमा का आभास होगा और दुर्घटनाओं को रोकने में मदद मिल सकती है।
आर. हितेन्द्र, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (यातायात)

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Web Title "Vehicle speed limit system will now monitor speed"