heart attack : ताकी हृदयघात के दौरान बच सके जिंदगी

By: Nikhil Kumar

Updated On:
08 Jul 2019, 06:07:55 PM IST

  • GVK-EMRI (आपातकालीन प्रबंधन व अनुसंधान संस्थान) प्रदेश के Government Hospitals के चिकित्सकों, नर्सों और आशा कार्यकर्ताओं को एसीएलएस (Advance Cardiac Life Support) के गुर सिखलाएगा। इस दौरान सभी को हृदय घात से लोगों को बचाने के तरीके सिखाए जाएंगे।

 

जीवीके-इएमआरआइ ने शुरू की एसीएलएस प्रशिक्षण शिविर

बेंगलूरु. हार्ट अटैक एक आपातकालीन स्थिति है। समय पर प्राथमिक उपचार मिले तो कई पीडि़तों को बचाया जा सकता है। लेकिन इसके लिए जरूरी है कि चिकित्सकों, नर्सों सहित अन्य स्वास्थ्यकर्मियों से लेकर आम लोगों को भी प्राथमिक उपचार की जानकारी हो।

अब GVK-EMRI (आपातकालीन प्रबंधन व अनुसंधान संस्थान) प्रदेश के Government Hospitals के चिकित्सकों, नर्सों और आशा कार्यकर्ताओं को एसीएलएस (Advance Cardia Life Support) के गुर सिखलाएगा। इस दौरान सभी को हृदय घात से लोगों को बचाने के तरीके सिखाए जाएंगे।

यस योजना के तहत जीवीके-इएमआरआइ ने पिनीय स्थित आपातकालीन चिकित्सा अध्ययन केंद्र (इएमएलसी) में सोमवार को पहले प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया।

जीवीके-इएमआरआइ 108 , बेंगलूरु के प्रोग्राम प्रबंधक मोहम्मद आसिफ ने बताया कि बेंगलूरु, रामनगर और कोलार सरकारी अस्पताल के २५ चिकित्सक प्रशिक्षण शिविर में शामिल हुए। जीवीके-इएमआरआइ हर जिले के स्वास्थ्य प्रशिक्षण केंद्र में इस शिविर का आयोजन करेगा। ताकि चिकित्सकों, नर्सों और आशा कार्यकर्ताओं को बेंगलूरु तक का सफर तय नहीं करना पड़े।

इससे पहले इएमआरआइ के उप निदेशक स्वतंत्र कुमार बी. , जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. टी. अमरनाथ और आपातकालीन Ambulance सेवा 108 के कार्यवाहक प्रदेश प्रभारी हनुमंत ने शिविर का उद्घाटन किया। मानव संसाधान विभाग के प्रमुख धरनीष और विधि विभाग प्रमुख शिवाजी यू. ने भी कार्यक्रम में हिस्सा लिया।

Updated On:
08 Jul 2019, 06:07:55 PM IST

खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।