कर्नाटक में गिरफ्तार हो सकते हैं नौ पुलिस कर्मचारी

By: arun Kumar

Published On:
Sep, 13 2018 12:29 AM IST

  • हवालात में किसान की मौत का मामला

बेंगलूरु. अपराध अनुसंधान विभाग (सीआइडी) ने मैसूरु जिले के हुणसूर ग्रामीण पुलिस थाने में तीन साल पहले हवालात मेंं हुई एक किसान की मौत की जांच पूरी कर न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल करने का फैसला लिया है। मामले में नौ पुलिस कर्मचारियों की गिरफ्तारी की संभावना है।
पुलिस ने दावा किया था कि किसान देवराज (42) की स्वाभाविक मौत हुई थी। देवराज के परिवार ने पुलिस की पिटाई से मौत होने का आरोप लगाया था। सरकार ने जांच की जिम्मेदारी सीआइडी को सौंपी थी।
गौरतलब है कि 31 अक्टूबर 2015 को पत्नी का उत्पीडऩ और दहेज के लिए मारपीट करने के मामले में उसे गिरफ्तार करने पुलिस वारंट लेकर गांव रत्नापुरी गई थी। देवराज ने नाराज होकर पुलिस की बाइक को आग लगा दी थी। आरोपों के मुताबिक पुलिस ने देवराज को हवालात में रख कर उसकी खूब पिटाई की, जिससे वह गंभीर घायल हो गया।
देवराज को सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जहां उसने दम तोड़ दिया। पुलिस निरीक्षक लोकेश, आरक्षक सतीश, आनंद समेत नौ पुलिस कर्मचारियों ने देवराज को पीटा। लोकेश ने जाली पोस्टमार्टम रिपोर्ट तैयार करवाई। उसने गिरफ्तारी से बचने के लिए न्यायालय से जमानतभी ली थी। सीआइडी ने जांच की तो पता चला कि लोकेश ने ही जाली पोस्टमार्टम रिपोर्ट तैयार की थी। उसने असली पोस्टमार्टम रिपोर्ट को छिपा दिया था। अब असली पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिल चुकी है। नौ पुलिस कर्मचारियों की किसी भी समय गिरफ्तारी हो सकती है।

वृद्धा की हत्या कर खुद भी फांसी लगाई

बेंगलूरु. विवेकनगर पुलिस थाना क्षेत्र में कपड़े की दुकान चलाने वाले ने सहायक के तौर पर काम करने वाली वृद्धा की हत्या करने के बाद खुद भी फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।
पुलिस के अनुसार दोमलूर निवासी रविन्द्र (69) विवेक नगर के वन्नारपेट में कपड़ों की दुकान चलाने के साथ ही दर्जी का काम भी करता था। उसने सहायता के लिए उमा (60) को काम पर रखा था। रविन्द्र ने उमा की हत्या करने के बाद खुद भी फांसी लगा ली। दुकान को अन्दर से बन्द कर लिया गया था। दुर्गंध आने पर लोगों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने दरवाजा तोड़कर शवों को बाहर निकाला।
पुलिस को जांच से पता चला है कि रविन्द्र का पुत्र साफ्टवेयर कंपनी चलाता है। रवीन्द्र की बड़ी ***** की पुत्री उच्च शिक्षा के लिए अमरीका गई थी। उसने मकान पर दो करोड़ रुपए का कर्ज लिया था, वह कर्ज लौटाने में विफल रही थी। रवीन्द्र को कर्ज पर अधिक ब्याज बढ़ता गया। बैंक अधिकारियों ने रवीन्द्र के खिलाफ न्यायालय में मुकदमा दायर किया। न्यायालय ने रवीन्द्र के मकान को कब्जे में लेने और इसकी नीलामी करने का आदेश दिया था। बैंक अधिकारियों ने मकान की नीमली करने के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली थीं। रवीन्द्र ने अपमान से बचने के लिए हत्या कर आत्महत्या कर ली।

Published On:
Sep, 13 2018 12:29 AM IST

खबरें और लेख पड़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते है । हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते है ।