दूसरे दिन खत्म हुई लॉरी हड़ताल

Shankar Sharma

Publish: Oct, 11 2017 08:59:34 (IST)

Bangalore, Karnataka, India

पेट्रोल-डीजल की कीमतें वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के दायरे में लाने, टोल टैक्स की साल में एक बार वसूली करने और अन्य कई मांगों

बेंगलूरु. पेट्रोल-डीजल की कीमतें वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के दायरे में लाने, टोल टैक्स की साल में एक बार वसूली करने और अन्य कई मांगों को लेकर माल ढोने वाले वाहनों की हड़ताल मंगलवार शाम समाप्त हो गई लेकिन इसके साथ ही ऑल इंडिया मोटर ट्रॉसपोर्ट कांग्रेस (एआईटीएमसी) ने मांगें नहीं मानने पर अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी भी दी है।

एआईटीएमसी के प्रबंध कमेटी के सदस्य एवं साउथ इंडिया लॉरी एवं एजेंट ऑनर एसोसिएशन के सचिव अरविंद अप्पा ने कहा कि पेट्रोल-डीजल को वस्तु एवं सेवा कर के दायरे में लाने से इसके दाम हर राज्य में एक समान हो जाएंगे और वाहन मालिकों को कुछ राहत मिलेगी। उन्होंने कहा कि चुनाव जीतने के लिए प्रदेश सरकारें कुछ समय के लिए अपने टैक्स की दर कम कर देती हैं लेकिन बाद में इसे मनमान तरीके से बढ़ाया जाता है। उन्होनें कहा कि पेट्रोल-डीजल जीएसटी के दायरे में लाया जाए तो इसके मूल्य में २७ से ३० रुपए की कमी आएगी।


टोल टैक्स भी एक ही बार लगे
भारी वाहनों को टोल टैक्स के लिए बार-बार रुकना पकड़ता है जिस कारण ईंधन और समय दोनों बर्बाद होते हैं। उन्होंने सरकार से वाहनों का टैक्स भी साल भर में एक ही बार जमा कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि केंद्रीय परिवहन मंत्री और एआईटीएमसी की बैठक में डीजल-पेट्रोल को जीएसटी के दायरे में लाने के मुद्दे पर बात नहीं बनी। उन्होंने कहा कि यदि सरकार नहीं मानी जो पूरे देश में बड़े पैमाने पर हड़ताल की जाएगी।

एआईटीएमसी की सांकेतिक हड़ताल सोमवार से मंगलवार शाम ५ बजे तक जारी रही। हड़ताल में कर्नाटक के अखिल भारतीय सेवा देने वाले २.५० लाख और देश के ९५ लाख भार वाहनों ने अपने सेवाएं ठप रखी जिसके कारण व्यापारियों को काफी परेशानियों का सामना करना। राज्य के संगठन हड़ताल में शामिल नहीं थे, इस कारण कर्नाटक में रोजमर्रा के उपयोग की वस्तुओं पर कोई विशेष प्रभाव नहीं पड़ा।

Web Title "Lorry strike ends on second day"