१३ सूत्रीय मांगों लेकर पंचायत सचिवों ने दिया धरना

mahesh doune

Publish: Sep, 11 2018 07:55:15 PM (IST)

पंचायत सचिव संगठन द्वारा अपनी मांगों को लेकर ११ सितम्बर को जिला पंचायत के सामने धरना प्रदर्शन मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया।

बालाघाट. मध्यप्रदेश पंचायत सचिव संगठन द्वारा अपनी मांगों को लेकर ११ सितम्बर को जिला पंचायत के सामने धरना प्रदर्शन मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया। सचिवों ने बताया कि हमारी १३ सूत्रीय मांगों को लेकर काफी समय से सरकार से मांग की जा रही है। लेकिन इस ओर सरकार द्वारा कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। जिससे सरकार का ध्यान दिलाने एक दिवसीय धरना किया गया है। लेकिन मांगों पर अमल नहीं किया गया तो आगामी दिनों में उग्र आंदोलन किया जाएंगा।
मांगों पर कोई अमल नहीं किया जा रहा
इस संबंध में पंचायत सचिव संगठन के जिलाध्यक्ष भजन वलके ने बताया कि पंचायत सचिवों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर कई बार शासन-प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। लेकिन मांगों पर कोई अमल नहीं किया जा रहा है। जिससे मजबूरन आंदोलन करने बाध्य होना पड़ा। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा मांगों पर अमल नहीं किया गया तो चुनाव में सरकार को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा। सचिव संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि शीघ्र हमारी मांगेें सरकार द्वारा पूरी नहीं की जाती तो अनिश्चितकालीन हड़ताल कर सरकार को उखाड़ फेंकने का कार्य किया जाएंगा।
ये हैं प्रमुख मांगें
पंचायत सचिवों को १ जुलाई २०१८ से अध्यापक व अन्य कर्मचारियों के समान ७ वें वेतनमान का लाभ दिया जाए। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग में संविलियन करके राज्यस्तरीय कर्मचारी घोषित किया जाए। मुख्यमंत्री की घोषणानुसार १ अप्रैल २००८ से अनुकम्पा नियुक्ति का लाभ व ग्रेज्युटी का लाभ दिया जाए एवं गृह भाड़ा भत्ता लागू किया जाए। परिवार का स्वास्थ्य बीमा व मेडीकल एलाउंस लागू कर आकस्मिक मृत्यु होने पर ५,००००० रुपए की अनुग्रह राशि दी जाए। हड़ताल अवधि को अर्जित अवकाश में समाहित करते हुए हड़ताल अवधि का भुगतान किया जाने सहित अन्य मांगें शामिल है।
ये रहे शामिल
इस दौरान वरिष्ठ उपाध्यक्ष धनराज पटले, गणेश लिल्हारे, जिला महामंत्री श्यामप्रसाद लांजेवार, जिला सचिव युगराज दासरे, चन्द्रप्रकाश रावते, परसराम पटले, कैलाश गौतम, योगेश ठाकरे सहित अन्य शामिल रहे।

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Web Title "Panchayat secretaries give dikha to 13-point demands"