उज्जैन की तर्ज पर शहर में निकाली गई भगवान भोलेनाथ की पालकी

By: Mukesh Yadav

Published On:
Aug, 12 2019 09:25 PM IST

  • शहर का कराया गया भ्रमण, विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान किए आयोजित
    हवन-पूजन और जगह-जगह बंटा महाप्रसादी

बालाघाट. सावन के अंतिम सोमवार को शिवालयों में शिवभक्तों की भोलेनाथ के दर्शनार्थ व जलाभिषेक करने भीड़ लगी रही। सुबह से मंदिर में भगवान शिव की पूजा अर्चना करने कांवडिय़ों का जत्था हर-हर महादेव व बम-बम भोले के जयकारों के साथ पहुंचने लगा। मुख्यालय सहित पूरे जिले भर में सोमवार को जगह-जगह मंदिरों में हवन-पूजन व महाप्रसाद एवं भंडारा वितरण किया गया।
प्रमुख कार्यक्रम शहर के श्री शिव साईं मंदिर ट्रस्ट द्वारा किया गया। यहां उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर की तर्ज पर भगवान भोलेनाथ की पालकी शोभायात्रा विशाल त्रिशूल के साथ निकाल शहर भ्रमण कराया गया। इसके बाद मंदिर में विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान व पौध रोपण संपन्न कराए गए। जानकारी के अनुसार शिव सांई मंदिर में विगत २१ वर्षो से सावन मास के हर सोमवार को कांवड़ यात्रा निकाली जाती है। इस वर्ष भी सावन के अंतिम सोमवार को सुबह ५ बजे से कांवड़ यात्रा के साथ शिव के विग्रह स्वरूप की पालकी निकाली गई। कांवडिय़ा वैनगंगा तट शंकरघाट पहुंच ंगंगा का पवित्र जल लेकर वापस मंदिर पहुंच नर्मदेश्वर शिवलिंग, नंदीश्वर पंचमुखी शिवलिंग का जलाभिषेक कर पूजा अर्चना व आरती की गई। इस अवसर पर ५१ किलो के त्रिशुल की भी मंदिर परिसर में स्थापना की गई।
कांवड़ यात्रा बैंड की मधुर धुनों के साथ ऊॅ नम: शिवाय व हर-हर महादेव की जयघोष करते वैनगंगा तट से जयस्तंभ चौक, आम्बेडकर चौक, गुजरी मेन रोड होते हुए कहारी मोहल्ला दुर्गा मंदिर से श्री शिव साईं मंदिर पहुंची। जहां पूजा आरती व हवन-पूजन कर कांवड़ यात्रा के समापन अवसर पर मंदिर में महाप्रसाद का वितरण किया गया।
गुप्तेश्वर महादेव का हुआ जलाभिषेक
सावन मास के अवसर पर हर वर्ष की तरह बब्बर सेना व महाकाल सेना द्वारा शंकरघाट से धूमधाम से कांवड़ यात्रा निकाली गई। कांवड़ यात्रा वैनगंगा नदी शंकरघाट से जल लेकर डीजे की मधुर धुनों के साथ लिंगा, नैतरा, हट्टा होते हुए डोंगरगांव स्थित मंदिर पहुंची। जहां शिवभक्तों ने गुप्तेश्वर महादेव का जलाभिषेक कर प्रसाद वितरण किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में कांवडिय़ां शामिल हुए।
अखंड रामायण पाठ का हुआ समापन
नगर के वार्ड नंबर ११ बूढ़ी स्थित शिवमंदिर में अखंड ११ अगस्त को अखंड रामायण पाठ का आयोजन किया गया था। जिसका समापन सोमवार को हुआ। समापन अवसर पर हवन-पूजन व आरती कर महाप्रसाद वितरण किया गया। सावन के अंतिम सोमवार को भगवान भोलेनाथ की पूजा अर्चना करने श्रद्धालुओं की भीड़ रही। शिवजी का मंत्रोच्चार के साथ रूद्राभिषेक किया गया। इस अवसर पर श्रद्धालुजन उपस्थित रहे।

Published On:
Aug, 12 2019 09:25 PM IST

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