कटंगी सीएमओ को नोटिस जारी, राजस्व निरीक्षकों के वेतन रोकने के निर्देश

By: Bhaneshwar Sakure

Updated On:
24 Aug 2019, 08:38:11 PM IST

  • कलेक्टर ने ली नगरीय निकायों के अधिकारियों की बैठक, संपत्ति कर, जलकर की शत-प्रतिशत वसूली करने के निर्देश

बालाघाट. कलेक्टर दीपक आर्य ने शनिवार को जिले के नगरीय निकाय बालाघाट, वारासिवनी, मलाजखंड, कटंगी, बैहर और लांजी के अधिकारियों की बैठक लेकर संपत्ति कर व जलकर की वसूली की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना के कार्यों की भी समीक्षा की। वहीं नगरीय निकायों के सभी अधिकारियों को शहर में स्वच्छता बनाए रखने के भी निर्देश दिए है। बैठक में सहायक कलेक्टर अक्षय तेम्रावाल, जिला शहरी विकास अभिकरण के परियोजना अधिकारी गजानंद नाफडे सहित सभी नगरीय निकायों के मुख्य नगर पालिका अधिकारी व राजस्व निरीक्षक मौजूद थे।
कलेक्टर ने बैठक में सबसे पहले नगरीय निकायों की वार्ड वार चालू वर्ष की वसूली का लक्ष्य और पिछले वर्ष की बकाया वसूली की जानकारी प्राप्त की। सभी नगरीय निकायों में संपत्ति कर व जलकर की बढ़ी राशि की वसूली नहीं होने पर नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि नगरीय निकायों को अपनी आय बढ़ाने के लिए संपत्ति कर और जलकर की शत प्रतिशत वसूली करना होगा। इस कार्य में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
राजस्व निरीक्षकों का वेतन रोकने के निर्देश
कलेक्टर ने संपत्ति कर व जलकर वसूली करने वाले राजस्व निरीक्षकों को दो टूक शब्दों में चेतावनी दी कि यदि उनके द्वारा कर की राशि वसूल नहीं की जाएगी तो उनका वेतन भुगतान नहीं किया जाएगा और उनके विरूद्ध निलंबन की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने नगरीय निकाय बालाघाट के वार्ड क्रमांक 4, 12, 15, 16 और 29 में संपत्ति कर व जलकर की बहुत कम राशि वसूल किए जाने पर इन वार्डों के प्रभार वाले राजस्व निरीक्षकों का वेतन रोकने के निर्देश दिए है। कलेक्टर ने नगरीय निकायों के सभी अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि वे अपने क्षेत्र में संपत्ति कर एवं जलकर की बकाया वसूली के लिए नियमित रूप से अभियान चलाएं। एक माह के भीतर पिछले वर्ष की बकाया की शत-प्रतिशत वसूली हो जाना चाहिए और चालू वर्ष की वसूली 20 प्रतिशत से अधिक होना चाहिए।
इसी तरह समीक्षा बैठक में नगर पंचायत कटंगी के सीएमओ राधेश्याम चौधरी निर्धारित एजेंडा के अनुसार संपत्ति कर व जलकर की वसूली संबंधी जानकारी लेकर उपस्थित नहीं हुए थे और न ही उनके द्वारा वसूली के संबंध में संतोषप्रद जवाब दिया गया। इस पर कलेक्टर कड़ी नारागजी व्यक्त की और सीएमओ को कारण बताओ नोटिस जारी किया है कि क्यों न इस लापरवाही के लिए उनके विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई प्रस्तावित की जाए। सीएमओ चौधरी को तीन दिनों के भीतर समक्ष में उपस्थित होकर अपना जवाब प्रस्तुत करने कहा गया है।

Updated On:
24 Aug 2019, 08:38:11 PM IST

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