छुट्टियां नहीं थी पत्नी का आ रहा था बार-बार बुलावा, अवसाद में आया सेना का जवान और फिर...

By: Kashyap Avasthi

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Published: 15 Dec 2019, 12:02 AM IST

Bagru, Jaipur, Rajasthan, India

जयपुर. करधनी पुलिस ने छह दिन पूर्व निवारूआर्मी एरिया से छह दिन पहले एक जवान लापता हो गया। हालांकि पुलिस ने उसे सातवें दिन ढूंढ लिया और सेना के अधिकारियों को सौंप दिया लेकिन जब उसने पूरी कहानी बताई तो हर कोई सोचने पर मजबूर हो गया। जवान का कहना था कि घर से बार-बार आने के लिए फोन आ रहा था लेकिन उसके पास छुट्टियां नहीं थी। वह अवसाद में आ गया और मानसिक शांति के लिए अपने दोस्त के यहां चला गया। लापता हुए सेना के जवान को दस्तयाब कर लिया है। डीसीपी कावेन्द्र सिंह सागर ने बताया कि 8 दिसम्बर को तीन महार रेजिमेंट निवारू आर्मी एरिया के सूबेदार पाटिल शर्मा ने थाने में उपस्थित होकर रिपोर्ट दर्ज करवाई थी कि उनकी रेजिमेंट का जवान संजय कुमार शाम 6 बजे बिना छुट्टी के यूनिट से अनुपस्थित है और अनुपस्थिति में वह ना तो घर पहुंचा और ना ही उसने फोन पर घर सम्पर्क किया।

पुलिस ने सेना के जवान के लापता होने का मामला दर्ज कर एडीसीपी बजरंग सिंह शेखावत व झोटवाड़ा एसीपी प्रमोद कुमार स्वामी के निर्देशन में थानाधिकारी रामकिशन विश्नोई के नेतृत्व में एएसआई बलवीर सिंह, कांस्टेबल नरेन्द्र सिंह, अमित सिंह, अजेन्द्र सिंह व प्रवीण की गठित टीम ने लापता जवान की कॉल डिटेल आदि तकनीकी जानकारी के आधार पर निवारू गैस गोदाम के पास से दस्तयाब कर महार बटालियन तीन निवारू आर्मी एरिया के सूबेदार पाटिल शर्मा को सुपुर्द किया। दस्तयाब किए गए जवान ने बताया कि उसकी छुट्टियां नहीं बचने व घर से बार-बार पत्नी के बुलाने के कारण मानसिक तनाव में आ गया था, जिस कारण वह अपने साथी पवन निवासी गुडग़ांव के पास चला गया था।


फिर आ गया जयपुर


सेना का यह जवान अवसाद में आकर अपने दोस्त के पास चला गया। वहां जाकर फोन भी बंद कर लिया। जिससे पत्नी व अन्य परिजन भी चिंतित हो गए। उधर, सेना के अधिकारी भी जवान के गायब होने के बाद हरकत में आए और तलाश शुरू की। फिर वह दोस्त के यहां से जयपुर आ गया और फोन चालू किया पुलिस ने उसे दस्तयाब कर लिया।


इसलिए हो रहा मोह भंग


इस सेना के जवान के असवाद में आने के घटनाक्रम पर गौर किया जाए तो यह साफ है कि सेना के जवानों का मोह नौकरी से क्यों भंग होता जा रहा है। पिछले कुछ समय में यह देखने में आया है कि सेना की नौकरी से तय समय से पहले ही रिटायर होने का भी युवा विकल्प चुन रहे हैं।

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