प्रस्तावित श्री राम प्रतिमा स्थल के क्षेत्रवासियों ने अधिकारियों पर तानाशाह रवैया का लगाया आरोप

By: Satya Prakash

Updated On:
04 Aug 2019, 11:14:07 AM IST

  • भूमि अधिग्रहण को लेकर प्रशासन पर कोर्ट के आदेश के बाद जबरन भूमि का मैपिंग कर लाल झंडी लगाने का लगाया आरोप

अयोध्या : विश्व की सबसे ऊंची 251 मीटर की प्रतिमा लगाए जाने के लिए भूमि अधिग्रहण का विवाद गहराता जा रहा हैं। सीएम योगी कर अयोध्या दौरे को लेकर प्रतिमा स्थल पर अधिकारियों द्वारा स्थानीय लोगो के सहमति के बिना स्थल का मैपिंग कर चिन्ह लगा दिया। जिसको लेकर स्थानीय निवासी अधिकारियों पर तानाशाह रवैय्या का आरोप लगाया हैं।

अयोध्या में भगवान श्री राम की प्रतिमा को लेकर 100 एकड़ भूमि की आवश्यकता हैं। इस भूमि को लेकर पूर्व में चिन्हित राम घाट के पास की जमीन को चिन्हित किया था लेकिन भूमि अधिग्रहण को लेकर कालोनीवासी कोर्ट चले गए जिससे उनको राहत मिला कि बिना सहमति के भूमि नही लिया जा सकता । इस विवाद को देखते हुए एक बार फिर भूमि का निरीक्षण करने अयोध्या पहुंचे थे । अधिकारियों के मुताबिक निरीक्षण के लिए भूमि अधिग्रहण किए जाने के वाले स्थल को लाल झंडी से चिन्हित किया गया था जहां चिन्हित भूमि के साथ एक वैकल्पिक स्थल जमथरा का भी निरीक्षण किया।

स्थानीय निवासी अवधेश सिंह ने अधिकारियों पर आरोप लगाते हुए कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अयोध्या आगमन को लेकर राजस्व विभाग सर्वे ने प्रस्तावित स्थल पर मैपिंग कर लाल झंडी लगा दिया हैं। जबकि माननीय उच्च न्यायालय ने आदेश दिया था कि बगैर भू स्वामियों के सहमति के जिला प्रशासन जबरन कोई कार्य नहीं कर सकता है, माननीय उच्च न्यायालय के फैसले को राजस्व विभाग सर्वे में प्रस्तावित स्थल मांझा मीरा पुर द्वाबा में माननीय उच्च न्यायालय के आदेश की अवमानना कर अधिकारी तनहाशाह रवैया अपना रहे हैं।

Updated On:
04 Aug 2019, 11:14:07 AM IST

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