पाकिस्तान: फिजूलखर्ची रोकने के लिए सरकार का अभियान, हेलीकॉप्टरों और कारों के साथ नीलाम होंगी 8 भैंसें

By: Siddharth Priyadarshi

Updated On: Sep, 12 2018 11:41 AM IST

  • इमरान खान ने पीएम बनने से पहले ही फिजूलखर्ची पर अंकुश लगाने की बात कही थी

लाहौर।पाकिस्तान में लगभग 1 महीने पहले बनी इमरान खान की नई सरकार फिजूलखर्ची रोकने के लिए पीएम हाउस में मौजूद 8 भैंसों की नीलामी करने की योजना बना रही है।8 भैंसों के अलावा 4 हेलीकॉप्टरों और 80 से अधिक आलीशान कारों की नीलामी भी की जाएगी। जिन भैंसों को इमरान सरकार नीलाम करने की योजना बना रही है, उन्हें पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के कार्यकाल के दौरान खरीदा गया था। इन भैंसों को पीएम हाउस में रखा गया है।

फिजूलखर्ची पर सख्त इमरान सरकार

इमरान खान ने पीएम बनने से पहले ही फिजूलखर्ची पर अंकुश लगाने की बात कही थी। उन्होंने चुनाव अभियान के दौरान नवाज शरीफ पर फिजूलखर्ची को बढ़ावा देने के आरोप लगाए थे। पीएम हाउस के अतिरिक्त साजो सामान की नीलामी इसी मिशन के तहत की जा रही है। पीएम इमरान खान के राजनीतिक मामलों के विशेष सहायक नईम उल हक ने ट्विटर पर जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पीएम हाउस की तरफ से आलीशान कारों और चार हेलीकॉप्टरों की भी नीलामी की जाएगी ।

खास हैं यह भैंसें

इन भैंसों को नवाज शरीफ के शासनकाल में पीएम हाउस की 'खाने-पीने की जरूरतों' का ध्यान रखने के लिए रखा गया था। बताया जा रहा है कि नवाज शरीफ दूध के काफी शौकीन थे। लेकिन लोगों का कहना है पीएम हाउस में रखी इन भैंसों से जो दूध निकाला जाता था उसने से अधिकांश बर्बाद हो जाता था।पीएम हाउस के केयर टेकर ट्रेजरी का कहना है कि इन भैंसों के रख रखाव और पोषण पर हर महीने 9 लाख रूपये की लागत आती है।

अगले हफ्ते होगी नीलामी

पीएम इमरान खान के राजनीतिक मामलों के विशेष सहायक नईम उल हक ने जानकारी देते हुए कहा कि इन सको सामानों की नीलामी 17 सितम्बर को की जाएगी। संभावित खरीदारों से इसके लिए तैयार रहने के लिए कहा गया है । नीलामी में सबसे पहले कारों की बिक्री होगी उसके बाद हेलीकॉप्टर और भैंसों की नीलामी की जाएगी।

नाजुक दौर में पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था

पाकिस्तान में विशेषज्ञों का मानना है कि प्रधामंत्री देश की अर्थव्यवस्था को नाजुक दौर से बचाने के लिए ऐसा कर रहे हैं।इमरान खान ने कई मोर्चों पर फिजूल खर्ची को रोकने का अभियान चला रखा है। बता दें कि पाकिस्तान इस समय निर्यात में कमी और आयात में बढोतरी के चलते एक अनिश्चित माहौल से जूझ रहा है। पाकिस्तान इस समय अर्थव्यवस्था में विदेशी मुद्रा भंडार की कमी की, रूपये पर दबाव और बढ़ती मुद्रा-स्फीति का शिकार हो रहा है। हाल ही में गठित पीएम की आर्थिक सलाहकार परिषद (ईएसी) द्वारा पाकिस्तान को चालू खाता घाटे से उबारने के लिए अतिरिक्त सामानों की नीलामी जैसे उपायों की बात कही थी।

Published On:
Sep, 12 2018 11:39 AM IST