अशोकनगर में सजा 35 फीट ऊंचा सेंटा क्लॉज


अशोकनगर। खुशियां बांटने का पर्व क्रिसमस नजदीक है। प्रभु यीशु के स्वागत के लिए तैयारियां शुरू हो गई हैं। इस बार बच्चों को लुभाने के लिए सेंट थॉमस स्कूल में 35 फीट ऊंचे सेंटा का निर्माण करवाया गया है। इस प्रकार का आयोजन नगर में पहली बार किया जा रहा है। फादर किरन ने बताया कि सेंटा के निर्माण के लिए करीब डेढ़-दो क्ंिवटल सरिया लगा है। छह-सात दिनों में इसे तैयार किया गया है। 

पूरे प्रदेश में ये सबसे बड़े सेंटा क्लॉज हैं। केरल व महाराष्ट्र आदि में इस प्रकार के सेंटा बनवाए जाते हैं, अशोकनगर में यह पहली बार किया गया है। इसके अलावा क्रिसमस ट्री भी तैयार की जा रही है। क्रिसमस को लेकर ईसाई धर्मावलंबी घरों में सजावट करने और उपहारों की खरीदारी में जुट गए हैं। 

 वहीं बाजार भी प्रभु यीशु के स्वागत के लिए सजे हुए हैं। उपहारों व सजावट के सामान से बाजार गुलजार हैं। चर्च और घरों में प्रभु ईशु के स्वागत के लिए गौशाल सजाए जा रहे हैं। वहीं बाजारों में रंग-बिरंगी लाइटिंग, केंडल, स्टार, क्रिसमस ट्री सहित अन्य गिफ्ट आइटम छाए हुए हैं। गिरजाघरों में कैंडल सर्विस और कैंडल गायन भी शुरू हो गए हैं। सेंटा क्लाज और क्रिसमस ट्री भी कई डिजायनों में उपलब्ध हैं। सजावट के लिए तरह-तरह के सितारों की बिक्री हो रही है।

खुशियां बांटने का पर्व क्रिसमस
क्रिसमस आपसी भाईचारे का पर्व है। यह आपस में खुशी बांटने का पर्व है। क्रिसमस को लेकर हर किसी के चेहरे पर खुशी देखी जा रही है। हमें बैर की भावना का त्याग कर क्रिसमस मनाना चाहिए। क्रिसमस सभी को सुखमय जीवन बिताने का संदेश देता है।क्रिसमस के दौरान ही नहीं बल्कि हर पल जिंदगी में ऐसी ही ऊर्जा का समावेश हो यही प्रभु की इच्छा है।

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