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नागपंचमी पर बेहद शुभ संयोग, इस मुहूर्त में रुद्राभिषेक करने से कुंडली के दोष होंगे दूर

By Tanvi Sharma

Aug, 03 2018 04:05:13 (IST)

नागपंचमी पर बेहद शुभ संयोग, इस मुहूर्त में रुद्राभिषेक करने से कुंडली के दोष होंगे दूर

नागपंचमी पर बेहद शुभ संयोग, इस मुहूर्त में रुद्राभिषेक करने से कुंडली के दोष होंगे दूर

सावन मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को नाग पंचमी मनाई जाती है। इस साल नागपंचमी बुधवार 15 अगस्त 2018 को मनाई जाएगी। नागपंचमी का का दिन इस बार बहुत ही शुभ संयोगों में आ रहा है। आजादी के बाद यह दूसरी बार होगा जब 15 अगस्त के दिन नागपंचमी मनाई जाएगी। इस दिन सभी लोग नाग की पूजा करते हैं और व्रत भी रखते हैं। इस दिन कालसर्प दोष की पूजा का भी विशेष महत्व माना जाता है। इससे 38 साल पहले 15 अगस्त 1980 के दिन नागपंचमी पड़ी थी।

नागराज के 12 स्वरुपों की होती है पूजा

नागपंचमी के दिन नागराज के 12 स्वरूपों की पूजा की जाती है। नागराज की पूजा एक खास विधि अनुसार करने से भोलेनाथ प्रसन्न होते हैं और आपकी मनोकामना पूरी करते हैं। आइए आपको बताते हैं नागराज के 12 स्वरुप। ये हैं- अनंता, वासुकी, शेष, कालिया, तक्षक, पिंगल, धृतराष्ट्र, कार्कोटक, पद्यमनाभ, कंबाल, अश्वतारा, और शंखपाल। इस दिन कालसर्प दोष का विशेष पूजन भी होता है।

नागपंचमी के दिन पूजा का मुहूर्त

पूजा का मुहूर्त सुबह 05:54 से 08:30 तक है। तड़के 03:27 पर नाग पंचमी शुरू होगी, जो रात 01:51 पर समाप्त होगी। इस बार नाग पंचमी पर स्वार्थ सिद्धि योग बन रहा है। शुभ कार्य करने का विशेष योग बन रहा है।

कुंडली से दूर करें सारें दोष

किसी भी जातक की कुंडली में यदि कोई भी दोष हो खास कर यदि कुंडली में कालसर्प दोष होतो नागपंचमी के दिन शांति पूजा करवा सकते हैं, यह दिन सर्वश्रेष्ठ माना जाता है। इसके अतिरिक्त आपको नागपंचमी के दिन ऊं नम: शिवाय और महामृत्युंजय मंत्रों का जाप सुबह-शाम करना चाहिए। इस दिन महिलाएं दीवारों पर नाग का चित्र बनाकर दूध से स्नान कराके विभिन्न मंत्रों से पूजा अर्चना करती हैं। इससे पहले शिव जी की पूजा होती है। इस दिन दुग्ध से रुद्राभिषेक कराने से प्रत्येक मनोकामना की पूर्ति होती है। जिनकी कुंडली राहु से पीड़ित होती है उन्हें इस दिन रुद्राभिषेक अवश्य करना चाहिए।

इसलिए नागों को पिलाया जाता है दूध

भविष्य पुराण के पंचमी कल्प में नागपूजा और नागों को दूध पिलाने का जिक्र किया गया है। मान्‍यता है कि सावन के महीने में नाग देवता की पूजा करने और नाग पंचमी के दिन दूध पिलाने से नाग देवता प्रसन्न होते हैं और नागदंश का भय नहीं रहता है। यह भी मान्यता है कि नागों की पूजा से अन्‍न-धन के भंडार भी भरे रहते हैं। मगर विज्ञान की मानें तो सांप को दूध पिलाना उसके लिए नुकसानदेय है।

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