गजल

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Published: 12 Sep 2021, 10:06 PM IST

गजल

डॉ. कृष्णा कुमारी 'कमसिन'
गजल

किस्सों में राजा न रानी चाहिए।
जिन्दगानी की कहानी चाहिए।

दिल को थोड़ी ताजगी महसूस हो,
चीज कोई तो पुरानी चाहिए।

लहलहा उठेंगी फसलें वक्त पर,
बीज को बस खाद- पानी चाहिए ।

झील, झरने, ताल, नदियां सब भले ,
किन्तु आंखों में भी पानी चाहिए।

बाद मुद्दत के ये तन्हाई मिली,
इक गजल तो गुनगुनानी चाहिए।

दौड़ कर आएंगे पंछी देखना,
छत पे दाना और पानी चाहिए।

सादगी महफूज बचपन में रहे,
और जवानी में जवानी चाहिए ।

भर नजर देखूं मैं अपने आप को ,
कोई 'कमसिन' अपना सानी चाहिए ।