Best Hindi Poetry: तिनका

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Published: 12 Sep 2021, 10:03 PM IST

Best Hindi Poetry: तिनका

डॉ. पद्मजा शर्मा
तिनका

मैं समय की आंख में गिरा
छोटा -सा तिनका
न समन्दरों का खतरा
न आंधियों का डर

जमीन से आसमान
समंदर से बादल
आंख से आंसू तक
सब जगह है मेरा 'घर'

मैं डराता नहीं किसी को
पर बसा रहता है हर आंख में
मेरा 'डर'

मैं हूं छोटा
बड़े हैं मेरे 'पर'
कहते हैं लोग कि मैं जब चाहूं तब
राजा हो या रंक
सबके कतर देता हूं 'पर'

मैं समय की आंख में गिरा
छोटा -सा तिनका