हैदराबाद में जन्मा जलपरी जैसा बच्चा, आधा इंसान और आधा मछली का शरीर

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Published: 16 Mar 2021, 10:43 AM IST

हैदराबाद में एक महिला ने अनोखे बच्चे को जन्म दिया है।
बच्चे का आधा शरीर इंसान का और आधा मछली की आकृति का है।

 

नई दिल्ली। भगवान की लीला भी अपरंपार है जिसको आज तक कोई नहीं समझ पाया है। इस सृष्टि में कब क्या होने वाला है इसका आज तक कोई पता नहीं लगा पाया है। हालांकि विज्ञान ने बहुत तरक्की कर ली है लेकिन कुछ चीजें ऐसी है जिसका हल उनके पास भी नहीं है। चिकित्सा क्षेत्र में रोजाना नए नए प्रयोग किए जाते हैं साथ ही कई गंभीर बीमारियों के इलाज के बारे में भी खोज किया जा रहा है। कई केस ऐसे आते हैं जिनको देखकर डॉक्टर भी हैरान रह जाते हैं। एक ऐसा ही मामला हैदराबाद से सामने आया है। खबरों के अनुसार यहां एक हॉस्पिटल में अनोखे बच्चे का जन्म हुआ है। इस नवजात का शरीर आधा इंसान का तो आधा मछली का है, जिसको देखकर हर कोई दंग है।

आधा इंसान और आधा मछली का शरीर
हैदराबाद में पेटलाबुर्ज मैटरनिटी हॉस्पिटल में एक अनोखा बच्चा पैदा हुआ। यह जलपरी जैसा बच्चा था, जो ज्यादा देर तक जीवित नहीं रह सका। इसको देखकर परिवार और डॉक्टर भी चकित रह गए। यह रेयर बीमारी है जो 10 लाख में से किसी एक बच्चे में पाई जाती है। इसे मरमेड सिंड्रोम (Mermaid Syndrome) कहते है। वहीं लोग इसे मत्स्य मानव भी कह रहे है। यह बच्चे आधा इंसान और आधा शरीर मछली की आकृति का है।

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शरीर के कई अंग गायब
एक रिपोर्ट के अनुसार, मरमेड सिंड्रोम की वजह से बच्चे का ऊपरी हिस्सा तो इंसानों की तरह रहता है। लेकिन निचला हिस्सा पूरी तरह से विकसित नहीं हो पाता। खबरों के अनुसार, इस बच्चे के दोनों पैरों की हड्डियां नहीं थी। उसके शरीर में निचले हिस्से की हड्डियां आपस में जुड़ी हुई थीं। उसका लिंग, पेल्विस, दोनों किडनियां और पेट के कई अंग गायब थे। रीढ़ की हड्डी में कमी थी। निचला हिस्सा मछली की पूंछ की तरह नजर आ रहा है। जलपरी जैसा दिखने वाला यह बच्चा कुछ ही घंटों तक जीवित रह सका। यह बच्चा पिछले हफ्ते पैदा हुआ था। अल्ट्रासाउंड जांच में भी इसका पता नहीं चलता कि बच्चा इस बीमारी से ग्रसित है।

पहले भी आ चुके है ऐसे मामले
आपको बता दें कि साल 2018 में महाराष्ट्र में भी ऐसा ही एक बच्चा जन्मा था, जो 15 मिनट तक ही जिंदा रहा था। इसके पहले साल 2017 में एक महिला ने इसी तरह के बच्चे को जन्म दिया था। उस बच्चे के दोनों पैर आपस में चिपके हुए थे। चार घंटे बाद उसकी मौत हो गई थी।