मोबाइल की लत छुड़ाने के लिए बेटे संग पिता ने की 2200 Km की यात्रा

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Published: 07 Jan 2020, 10:20 AM IST

  • बेटे को स्मार्टफोन यूज करने का लगा था चस्का
  • बेटे की बुरी आदत को छुड़ाने के लिए पिता ने निकाला नायाब तरीका

नई दिल्ली। दुनियाभर के लोगों के लिए स्मार्टफोन ( Smartphone ) एक बुरी लत बन चुका है। मोबाइल ( Mobile ) फोन इंसान का वो समय भी बर्बाद कर रहा है जिसे वो पहले अपने करीबियों के बीच बिताता था। मौजूदा दौर में हालत ये है कि अगर हम किसी ग्रुप में भी बैठे है तो भी हम बार-बार अपने फोन को चेक करते रहते है।

स्मार्टफोन की ऐसी ही बुरी लत कनाडा ( Canada ) के कैलगरी में रहने वाले जेमी क्लार्क के 18 साल के बेटे खोबे को थी। जेमी क्लार्क को फोन का इतना तगड़ा चस्का था कि वह अपना ज्यादातर समय सोशल मीडिया और ऑनलाइम गेम ( Online Game ) खेलकर बिताता था।

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क्लार्क अपने बेटे की इस आदत से बहुत ही परेशान हो चुके थे। ऐसे में उन्होंने अपने बेटे की बुरी आदत को छुड़ाने के लिए एक अनोखा तरीका निकाला। जेमी क्लार्क अपने बेटे को कनाडा से करीब 8000 किमी दूर मंगोलिया ( Mangolia ) ले गए। यहां दोनों ने करीब एक महीने तक 2200 किमी. की लंबी यात्रा की।

इस यात्रा के दौरान वह खोबे को ऐसी-ऐसी जगह ले गए, जहां इंटरनेट ( Internet ) की सुविधा उपलब्ध नहीं थी। जिनमें कुछ जगह तो ऐसी थी जहां बसें भी नहीं चलतीं। दोनों बाप-बेटे ने ये रोमांचक सफर बाइक ( Bike ) के जरिए पूरा किया। वहीं कई जगह घोड़ों का भी इस्तेमाल किया। क्लार्क ने इस सफ़र के दौरान अपने बेटे को बदलते हुए देखा।

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जिसका असर ये हुआ कि एक माह की ट्रिप के दौरान उनके बेटे की स्मार्टफोन यूज करने की लत छूट गई। खोबे ने बताया कि इस ट्रिप ने उनकी जिंदगी पूरी तरह बदल दी। इससे पहले तक खोबे जब अपना फोन भी थोड़े वक़्त के लिए नहीं इस्तेमाल करते थे तो उन्हें अजीब सी बैचेनी होने लगती थी।

खोबे के पिता जेमी पेशे से पर्वतारोही हैं। वह खुद दो बार एवरेस्ट ( Mount Everest ) फतह कर चुके हैं। जेमी ने कहा कि मोबाइल युवाओं को परिवार से दूर कर रहा है। अगर ऐसा हो रहा है तो इसमें परिवार का भी सबसे बड़ा दोष है, जिसे सुधारने के मकसद से उन्होंने यह कदम उठाया।