इसे कहते हैं 'नरक का दरवाजा', जहां जानें वाला कभी नहीं आता लौटकर कर वापस!

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Published: 04 Aug 2020, 10:25 PM IST

ये जगह तुर्की के प्राचीन शहर हेरापोलिस (Turkey's ancient city of Herapolis) में मौजूद है। जिसे वर्तमान में पमुक्कल शहर (Pumukkal city) के नाम से जाना जाता है। असल में ये एक मंदिर है। ऐसा कहा जाता है कि इस मंदिर के पास जानें वाला शख्स कभी लौट कर वापस नहीं आता है। इतनी ही नहीं मंदिर के पास जाने वाले जानवर, पक्षी की भी मौत हो जाती है।

 

नई दिल्ली। ये दुनिया अजीबो-गरीब रहस्य (Weird secret) भरी हुई है। इनमें से कुछ को तो सुलझा लिया गया लेकिन सैकड़ों रहस्य आज भी अनसुलझे हैं। जिन्हें सुलझाने की बहुत कोशिश की गई लेकिन आज तक कोई समाधान नहीं निकल पाया। ऐसे ही कुछ अनसुलझे रहस्यों (Unresolved mysteries) से आज हम आपको बताने जा रहे हैं जिसे लोग 'नरक का दरवाजा' (Hell door) भी कहते हैं।

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ये जगह तुर्की के प्राचीन शहर हेरापोलिस (Turkey's ancient city of Herapolis) में मौजूद है। जिसे वर्तमान में पमुक्कल शहर (Pumukkal city) के नाम से जाना जाता है। असल में ये एक मंदिर है। ऐसा कहा जाता है कि इस मंदिर के पास जानें वाला शख्स कभी लौट कर वापस नहीं आता है। इतनी ही नहीं मंदिर के पास जाने वाले जानवर, पक्षी की भी मौत हो जाती है।

खबरों के मुताबिक इस मंदिर में पिछले कई सालों से लगातार रहस्यमयी मौतें (Mysterious deaths) हो रही हैं। यहां के लोग बताते हैं कि प्लूटो देवता के नाम पर जानवरों को मरने के लिए इस गुफा में डाल दिया जाता था और यूनानी देवता की जहरीली सांसों (Poisonous breaths) की वजह से ये मर जाते थे। वहीं वैज्ञानिकों यहां हो रही मौतों की वजह मंदिर के नीचे से लगातार रिसकर बाहर निकल रही कार्बन डाई ऑक्साइड गैस (Carbon dioxide gas) को मानते हैं। उनके मुताबिक यहां होने वाली सभी मौतें इसकी की वजह से हुई है।

हाल ही में रोम के कुछ वैज्ञानिकों ने इस गुफा का जायजा भी किया था जिसमें उन्होंने पाया कि मंदिर के नीचे बनी गुफा में बहुत बड़ी मात्रा में कार्बन डाई ऑक्साइड गैस (Carbon dioxide gas) मौजूद है। वैज्ञानिकों ने बताया कि स मंदिर के गुफा में 91 फीसदी कार्बन डाई ऑक्साइड जैसे जहरीली गैस मौजूद है। जबकि मात्र 10 फीसदी कार्बन डाइ ऑक्साइड गैस (Carbon dioxide gas) किसी भी इंसान को 30 मिनट के अंदर मौत हो सकती है।