एक सप्ताह ब्रिस्क वॉक, फिर दौडऩा शुरू करें

|

Published: 13 Sep 2018, 09:10 PM IST

दौडऩे की शुरुआत तेज चलने से करें। इसके बाद गति धीरे-धीरे बढ़ाएं। एक से पांच मिनट धीमी सैर और अगले एक से पांच मिनट तेज सैर यानी ब्रिस्क वॉक करें। पहले एक या दो सप्ताह तक इसी तरह करते रहें।

जयुपर। दौडऩे की शुरुआत तेज चलने से करें। इसके बाद गति धीरे-धीरे बढ़ाएं। एक से पांच मिनट धीमी सैर और अगले एक से पांच मिनट तेज सैर यानी ब्रिस्क वॉक करें। पहले एक या दो सप्ताह तक इसी तरह करते रहें। दो सप्ताह बाद ब्रिस्क वॉक को चार से पांच मिनट की रनिंग में बदलें। दौड़ की शुरुआत में सांस को काबू में करने का अभ्यास करें। लंबी सांस भरें, एक या दो सेकंड रोकें और फिर सांस छोड़ें। अभ्यास के बाद आसान हो जाएगा। दौड़ को अधिक प्रभावशाली बनाने के लिए स्ट्रेंथ ट्रेनिंग करें।

सुनें अपने कदमों की आवाज
दौड़ते समय केवल अपने कदमों की आवाज सुनें। अगर आप उन्हें सुन पा रहे हैं तो इसका अर्थ है कि आप बेहद जोर डाल रहे हैं। शुरुआत में आपका शरीर आपको रुकने का संकेत दे देगा। शरीर में दर्द हो सकता है। यदि दर्द 7 दिन के बाद भी रहे तो चिकित्सकीय परामर्श से ही दवा लें। दौड़ के दौरान हर दस से पंद्रह मिनट में एक या दो घूंट पानी पीएं। दौड़ के बाद तुरंत रुकें नहीं। आराम की मुद्रा में एक जगह खड़े होकर लाइट एक्सरसाइज करते रहें, जिसे पोस्ट वर्कआउट कहते हैं।
जरूरी है संतुलित आहार
दौडऩे के लिए आपका स्वस्थ और फिट होना आवश्यक है। अपने आहार में कैल्शियम, विटामिन और प्रोटीन को शामिल करें। इसके लिए आपको जंक फूड को छोडऩा या फिर कम करना, अधिक-से-अधिक पानी पीना, पर्याप्त मात्रा में सब्जियों और फलों का सेवन करना तथा नियमित दिनचर्या का पालन करना आवश्यक है। एक अच्छा संतुलित आहार अपको एनर्जी देगा और स्टेमिना भी मजबूत करेगा। खाने के तत्काल बाद कभी न दौड़ें।

दौडऩे से पहले पैरों की स्ट्रेचिंग करें

किसी भी व्यायाम को करने या फिर दौडऩे से पहले जरूरी है कि 15-20 मिनट तक वार्म अप करें। ऐसा करने से आपके मस्तिष्क को संकेत जाएगा। मांसपेशियों में जरुरी खिंचाव उत्पन्न होगा जिससे कि आप सकुशल व्यायाम कर पाएंगें। एक अच्छा वार्म अप स्ट्रेचिंग (मासपेशियों में हल्के-फुल्के खिंचाव) से शुरू होता है। दौडऩे से पहले पैरों की स्ट्रेचिंग बहुत प्रवाभी होती है।
घूंट-घूंट कर पानी पीएं

ताजग़ी बनाए रखने के लिए ठंडे पानी की घूंट भरें और तब तक दौड़ते रहें जब तक आप मंज़िल तक न पहुंच जाएं। यदि आप अभी भी बिना थके जॉगिंग कर पा रहे हैं तो अपनी गति पुन: बढ़ाएं । बहुत तेज न दौड़ें।
रुकें नहीं...चलते रहें
एक्सपर्ट के मुताबिक जब आप थकने लगें तो रुके नहीं और धीरे-धीरे जॉगिंग करते रहें। यदि आप दर्द महसूस करने लगें तो आप समझ जाइए कि आप बहुत अधिक प्रयास कर रहे हैं। अपने मनोबल और शारीरिक ताकत को बनाए रखें। ऐसा करने से आप बहुत दूर तक जा पाएंगें।