आठ विधायक, दो मंत्री, तीन एमएलसी होने के बाद भी नहीं भर सीएम योगी आदित्यनाथ की सभा की कुर्सी

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Published: 26 Mar 2019, 07:49 PM IST

पीएम नरेन्द्र मोदी के संसदीय क्षेत्र बनारस में कार्यकर्ताओं की दिखी बेरुखी, जानिए क्या है कहानी

आठ विधायक, दो मंत्री, तीन एमएलसी होने के बाद भी नहीं भर सीएम योगी आदित्यनाथ की सभा की कुर्सी

वाराणसी. पीएम नरेन्द्र मोदी के संसदीय क्षेत्र में बीजेपी कार्यकर्ताओं की बेरुखी एक बार फिर सामने आयी है। मंगलवार को बनारस के नदेसर स्थित छोटा कटिंग में बीजेपी की विजय संकल्प यात्रा का आयोजन हुआ था। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि खुद सीएम योगी आदित्यनाथ थे इसके बाद भी कार्यक्रम में कुर्सियां खाली रह गयी। आश्र्चय की बात है कि जिले में कुल आठ विधानसभा सीट है और सभी सीटों पर बीजेपी व उनके सहयोगी दल अनुप्रिया पटेल की अपना दल व ओमप्रकाश राजभर के सुभासपा के विधायक है इसके बाद भी भीड़ नहीं जुट पायी।

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बनारस जिले में बीजेपी की छह विधायक, दो मंत्री व सहयोगी दल के दो विधायक है। इसके अतिरिक्त बीजेपी की तीन एमएलसी व मेयर भी है। भारतीय जनता पार्टी के इतने जनप्रतिनिध अन्य किसी जिले में मिलना कठिन हो सकता है। सीएम योगी के आने के पहले काफी कुर्सी खाली थी बाद में कुछ लोगों के आ जाने से स्थिति में कुछ सुधार हुआ। सीएम योगी के भाषण के दौरान भी कुर्सी नहीं भर पायी। नदेसर का यह मैदान छोटा है इसके बाद भी कुर्सी खाली रहने को लेकर बीजेपी में चर्चाओं को बाजार गरम हो गया है। चर्चा है कि यदि आठों विधायक एक-एक हजार, तीन एमएलसी भी एक-एक हजार की भीड़ जुटा पाते तो मैदान छोटा पड़ जाता। इसके बाद भी सीएम योगी आदित्यनाथ के कार्यक्रम में लोग नहीं जुट पाये। लोकसभा चुनाव 2019 को लेकर बीजेपी ने जिस अभियान का श्रीगणेश किया था वह पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र में ही सवालों के घेरे में आ गया।
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ओमप्रकाश राजभर से लेकर अखिलेश यादव तक दिखा चुके हैं अपनी ताकत
इसी मैदान में सुभासपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर रैली करने अपनी ताकत दिखा चुके हैं। सुभासपा के पास अधिक संसाधन नहीं है इसके बाद भी ओमप्रकाश राजभर के कार्यक्रम में भीड़ हुई थी। चौहान सभा के कार्यक्रम में अखिलेश यादव ने इसी मैदान में भाग लिया था। अखिलेश यादव के पहुंचने के पहले ही इतने संख्या में सपाई आ गये थे कि मैदान छोटा लगने लगा था। बीजेपी सूत्रों की माने तो पार्टी के स्थानीय नेताओं की कार्यकर्ताओं से दूरी बढ़ती जा रही है। बीजेपी के लिए अच्छी बात यही है कि इस सीट से पीएम नरेन्द्र मोदी चुनाव लड़ रहे हैं यदि कोई अन्य प्रत्याशी चुनाव लड़ता तो कार्यकर्ताओं का साथ मिलना कठिन हो जाता।
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