उन्नाव हादसा: परिवार ने किया अंतिम संस्कार, पीड़िता की बहन को सरकारी नौकरी का आश्वासन

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Updated: 08 Dec 2019, 04:56 PM IST

- आत्मरक्षा के लिए पीड़िता के भाई को दिया जाएगा शस्त्र लाइसेंस
- पीड़ित परिवार को 25 लाख रुपये और आवास मुहैया कराने का वादा
- दादा-दादी की समाधी के बगल में दफनाई गई पीड़िता

उन्नाव. हैवानियत का शिकार हुई गैंगरेप पीड़िता 'आशा' का रविवार को उसके परिवार ने नम आंखों से अंतिम संस्कार किया (Unnao case)। पीड़िता के शव को कड़ी सुरक्षा के बीच दादा-दादी की समाधी का पास दफनाया गया। इस दौरान मृतका के गांव में आलाधिकारियों का जमावड़ा लगा रहा। जिला प्रशासन और कई वरिष्ठ पुलिस अफसरों से मिले आश्वासन के बाद पीड़ित परिवार ने एसपी डीएम सहित कई अधिकारियों की मौजूदगी में अंतिम संस्कार किया। दरअसल, पीड़िता के परिवार ने मांग की थी कि जब तक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) नहीं आएंगे तब तक वे अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। साथ ही पीड़िता की बहन ने सरकारी नौकरी की मांग राज्य सरकार से की थी। अधिकारियों के आश्वासन के बाद पीड़ित परिवार अंतिम संस्कार के लिए राजी हुआ। अंतिम संस्कार में मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य (Swami Prasad Maurya) और कमल रानी वरुण के अलावा मेश्राम व अन्य आला अधिकारी शामिल हुए।

पीड़िता का अंतिम संस्कार कड़ी सुरक्षा के बीच किया गया। किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोकने के लिए भारी पुलिसफोर्स तैनात की गई। दमकल की गाड़ियां भी मौके पर मौजूद रहीं। गांव में पुलिस प्रशासन व अधिकारी सुबह से ही मौजूद रहे।

पीड़ित परिवार को मिलेंगे 25 लाख

राज्य मंत्री कमल रानी वरुण ने कहा कि उन्नाव रेप पीड़िता के परिवार को 25 लाख रुपये का चेक जिला मजिस्ट्रेट द्वारा दिया गया। परिवार की मांग के मुताबिक, उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत एक घर भी मुहैया कराया जाएगा।

पीड़िता के भाई ने कहा कि जिस भखंड में बहन को दफनाया गया, वहां पीड़ित परिवार उसके लिए स्मारक बनवाने की कोशिश करेगा।

भाई को मिलेगा शस्त्र लाइसेंस

लखनऊ पुलिस कमिश्नर मुकेश मेश्राम ने कहा कि आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। पीड़ित परविार को 24 घंटे सुरक्षा दी जाएगी। इसके साथ ही पीड़िता की बहन को सरकारी नौकरी और भाई को आत्मरक्षा के लिए शस्त्र लाइसेंस भी दिया जाएगा।

प्रदेश में सियासी उबाल

उन्नाव रेप पीड़िता की मौत के बाद प्रदेश में सियासी उबाल है। लखनऊ में बीजेपी दफ्तर के बाहर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं के हंगामे और प्रदर्शन के बाद पुलिस ने तकरीबन चार दर्जन लोगों के खिलाफ कई धाराओं में केस दर्ज किया। प्रदर्शन में शामिल लोगों के खिलाफ धारा 342, 353, 332 सहित 7 क्रिमिनल लॉ के तहत एफआईआर दर्ज की गई। इससे पहले सपा अध्यक्ष अखिलेश (Akhilesh Yadav) ने विधानसभा के बाहर बैठकर पीड़ित परिवार के लिए न्याय की मांग की थी। वहीं कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी (Priyanka Gandhi) ने उन्नाव में पीड़ित परिवार से मुलाकात कर न्याय की गुहार लगाई थी।

साक्षी महाराज के आगमन पर नारेबाजी

अंतिम संस्कार से एक दिन पहले दुष्कर्म पीड़िता के परिजनों से मिलने पहुंचे मंत्री और क्षेत्रीय सांसद साक्षी महाराज का कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने घेराव कर नारेबाजी की। पुलिस ने बल प्रयोग कर उन्हें खदेड़ा और पीड़ित परिवार से मिलने के लिए घर पहुंचाया।

गौरतलब है कि 90 प्रतिशत तक झुलस चुकी युवती ने दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में शुक्रवार रात 11:40 बजे दम तोड़ दिया। उसने अपनी जिंदगी के आखिरी क्षणों में कहा था कि वह मरना नहीं चाहती। उसके आरोपियों को हैदराबाद के दोषियों जैसी सजा मिलनी चाहिए।

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