उदयपुर के सीटीएई की प्रिज्म परियोजना को देश में दूसरा स्थान

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Published: 28 Oct 2020, 01:27 AM IST

परियोजना के 13 केन्द्रों में से एक आउटरीच केंद्र सीटीएई में संचालित

उदयपुर. महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के संघटक प्रौद्योगिकी एवं अभियांत्रिकी महाविद्यालय की प्रिज्म परियोजना को राष्ट्रीय स्तर पर द्वितीय स्थान प्राप्त हुआ है। अधिष्ठाता डॉ. अजय कुमार शर्मा ने बताया कि राष्ट्रीय स्तर पर वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान विभाग, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय की ओर से संचालित प्रिज्म परियोजना के 13 केन्द्रों में से एक आउटरीच केंद्र सीटीएई में चल रहा है। गत वर्ष की विभिन्न कार्य योजनाओं का हाल ही में मूल्यांकन किया गया तथा उसमें व्यक्तियों, शुरूआतियों एवं एमएसएमई योजना में नवाचार को प्रोत्साहन (प्रिज्म) देने के लिए कार्य करने वाले केन्द्रों जैसे आईआईटी कानपुर और आईआईटी खडग़पुर आदि संस्थानों को पीछे छोड़ते हुए सीटीएई को द्वितीय स्थान प्रदान किया गया। सीटीएई केंद्र ने 50 से अधिक नवाचारों को 1.5 करोड़ से अधिक वित्तीय सहायता प्रदान करने में अन्वेषकों की सहायता की है। प्रिज्म योजना के तहत कई विकसित कृषि उपयोगी यंत्र बनाए गए हैं, जिसमें बेल पल्प निष्कासन यंत्र, मेहंदी के पत्तों को पृथक करने वाला यंत्र, सौर ऊर्जा चलित माइक्रो सिंचाई यंत्र, मिर्ची के डंठल तोडऩे वाली मशीन आदि शामिल हैं।