मकर संक्रांति कल - पतंगों से अटेगा आसमान, सितौलिया की गूंज, होंगे दान

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Updated: 14 Jan 2020, 12:58 PM IST

मकर संक्रांति कल - पतंगों से अटेगा आसमान, सितौलिया की गूंज, होंगे दान

उदयपुर. लेकसिटी में मकर संक्रांति पर्व बुधवार को हर्षोल्लास से मनाई जाएगी। गली मोहल्लों में पारम्परिक खेल खेले जाएंगे। इस दौरान कई जगह पतंगें उड़ाई जाएंगी। श्रद्धालु दान भी करेंगे। घरों में तिल की खाद्य सामग्री व गेहूं का खीच व खिचड़ी बनाई जाएगी।जगदीश मन्दिर व श्रीनाथ मन्दिर में मान्यता के अनुसार पूजन अनुष्ठान होंगे। जगदीश मन्दिर के पुजारी रामगोपाल व हुकमराज ने बताया कि जगदीश मन्दिर में मकर संक्रांति पर्व बुधवार को मनाया जाएगा। इस दिन भगवान को तिल की सामग्री, खीच व खिचड़ी का भोग धराया जाएगा। ठाकुरजी के समुख गेंद व खिलौने रखे जाएंगे मंदिर में भजन-कीर्तन होंगे। वही श्रद्धालु दान करेंगे। इधर, श्रीनाथ मंदिर अधिकारी कैलाश पुरोहित ने बताया कि श्रीनाथजी की हवेली में बुधवार को मकर संक्रांति पर्व मनाया जाएगा। ठाकुरजी को तिल की साम्रगी का भोग लगाया जाएगा। श्रीनाथजी को गेंद क्रीड़़ा कराई जाएगी। ठाकुरजी के समुख मखमल व साटन की गेंद रखी जाएगी। श्रीनाथजी को विशेष शृंगार धराया जाएगा। इस दिन शहर के मंदिरों और घरों में पूजा- अर्चना के साथ दान- पुण्य का दौर चलेगा। गली - मोहल्लों में सितौलिया की गूंज रहेगी। वहीं कई जगह लोग पतंगे उड़ेगीद्धपंडित जगदीश दिवाकर ने बताया कि बुधवार सुबह 4.09 बजे सूर्य धनु राशि से मकर राशि में प्रवेश करेगा।संक्रांति पुण्यकाल बुधवार को रहेगा।पुण्य काल सुबह 7.19 से 12.31 महापुण्य काल 7.19 से 9.03 तक रहेगा। इस दिन दान करने का महत्व अन्य दिनों की तुलना में अधिक बढ़ जाता है। इस दिन किया गया दान और अनुष्ठान अभिष्ट फ ल देने वाला होता है।इस दिन अन्न दान तिल व गुड़ दान करना श्रेष्ठ रहता है। तिल व तिल से बने लड्डू का तिल्ली से बने अन्य सामग्री का दान करना शुभ रहता है। इस दिन पूजा-अर्चना कर तिल, कम्बल, गुड़, रेवड़ी, गर्म कपडे़, रजाई आदि दान करने और गायों को चारा खिलाने का विशेष महत्व है।