अब हैकर्स के निशाने पर पुलिस के सोशल मीडिया अकाउंट, ठगी का नया तरीका

|

Published: 26 Oct 2020, 04:53 PM IST

- लोगों को रहना होगा सावधान, पुलिस के नाम पर हो सकती है ठगी - उदयपुर संभाग के कई पुलिस अधिकारियों के सोशल मीडिया अकाउंट हो चुके हैं हैक

उदयपुर. अब तक हैकर्स आम लोगों के अकाउंट हैक कर के उनसे ही पैसा ऐंठ रहे थे लेकिन अब हैकर्स के निशाने पर पुलिस के सोशल मीडिया अकाउंट हैं। हैकर्स ने पुलिस के नाम पर लोगों को ठगने का नया तरीका निकाला है। पुलिस अधिकारियों व थानाधिकारियों का सोशल मीडिया अकाउंट हैक कर के वे लोगों के साथ ठगी कर रहे हैं। उदयपुर संभाग में अब तक कई पुलिस अधिकारियों व थानाधिकारियों के अकाउंट हैक हो चुके हैं। इस तरह के केस सायबर एक्सपर्ट के पास पहुंचे हैं जिसके बाद एक्सपर्ट ने ना केवल उनका अकाउंट सिक्योर किया बल्कि अन्य लोगों को भी इस तरह की ठगी से बचने के तरीके बताए।

ठगी के लिए फे क फे सबुक अकाउंट ज्यादा बना रहे

साइबर एक्सपर्ट श्याम चंदेल ने बताया कि आजकल साइबर ठगों द्वारा पुलिस विभाग के अधिकारियों के फेक फेसबुक अकाउंट ज्यादा बनाए जा रहे हैं। इनमें हैकर्स पुलिस का अकाउंट हैक कर उनके नाम से ही उनके मिलने वालों को मैसेंजर के माध्यम से मैसेज भेजते हैं और उनसे पैसों की मांग करते हैं। कभी एक्सीडेंट हो जाने पर पैसों की जरूरत बताते हैं तो क भी कोई बीमारी हो जाने पर तुरंत पैसों की जरूरत का हवाला देते हुए पैसे भेजने की बात कहते हैं। चंदेल ने बताया कि ऐसे केसेस में सबसे पहले उन्होंने अकाउंट सिक्योर किया। वहीं, आम लोगों को भी अपना अकाउंट सिक्योर कर रखने की बात कही।

इस तरह से सोशल मीडिया अकाउंट करें सिक्योर -

- अपने फोटो डालते हुए पब्लिक ऑप्शन नहीं करें।

- टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन लगा कर रखें।

- मजबूत पासवर्ड बनाएं, निरंतर अपडेट करें

- सस्पीशियस लिंक पर क्लिक ना करें

- रिमेम्बर पासवर्ड का उपयोग ना करें

- ब्राउजर हिस्ट्री डिलीट कर दें

- अलग अकाउंट, अलग पासवर्ड

- एंटीवायरस प्रोग्राम उपयोग में लें

- अकाउंट से लॉग आउट जरूर करें

- थर्ड-पार्टी एप्स को एक्सेस ना दें

- नया वर्जन इस्तेमाल करें

- पब्लिक वाई-फाई को नजरअंदाज करें

इनका कहना है

सोशल मीडिया अकाउंट हमेशा सिक्योर कर के रखना चाहिए। आजकल हैकर्स अकाउंट हैक कर लेते हैं और फिर पैसों की मांग करते हैं। लोगों को इस बारे में जागरूक होना चाहिए। अकाउंट को ओनली फ्रें ड्स कर के रखें,लॉग आउट जरूर करें। जानकार ना होने पर मैसेज का जवाब ना दें। किसी तरह की पैसों की मदद की मांग की गई है तो उसकी सत्यता जरूर जांचें।

हुनमंतसिंह, थानाधिकारी, प्रतापनगर