शूरवीरों के इस शहर को देखने देश-विदेश से खिचे चले आते हैं पर्यटक

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Updated: 22 Nov 2017, 04:09 PM IST

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इ​​तिहासकारों के अनुसार चित्तौड़गढ़ की प्राचीनता का पता लगाना कठिन कार्य है। माना जाता है कि रोड वंश के महान संस्थापक बप्पा रावल ने 8वीं शताब्दी के मध्य में अंतिम सोलंकी राजकुमारी से विवाह करने पर चित्तौढ़ को दहेज के एक भाग के रूप में प्राप्त किया था, बाद में उसके वंशजों ने मेवाड़ पर शासन किया जो 16वीं शताब्दी तक गुजरात से अजमेर तक फैल चुका था। उदयपुर ले जाने से पहले 1568 तक चित्तौड़गढ़ मेवाड़ की राजधानी रहा। आइए आगे जानते हैं चित्तौड़गढ़ के अन्य पर्यटक स्थलों के बारे में ...