हेपेटाइटिस बी पॉजिटिव होने के बाद भी ले लिया ब्लड, बगैर जांच किए गर्भवती महिला को चढ़ाया

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Published: 31 Jul 2021, 08:32 PM IST

जिला अस्पताल में ब्लड बैंक के कर्मचारी ने बगैर जांच किए संक्रमित ब्लड गर्भवती महिला को चढ़ा दिया। मामले की जानकारी जब लगी तब ब्लड देने वाला व्यक्ति अपना ब्लड वापस लेने अस्पताल में आया।


टीकमगढ़.जिला अस्पताल में ब्लड बैंक के कर्मचारी ने बगैर जांच किए संक्रमित ब्लड गर्भवती महिला को चढ़ा दिया। मामले की जानकारी जब लगी तब ब्लड देने वाला व्यक्ति अपना ब्लड वापस लेने अस्पताल में आया। उसके बाद भी कर्मचारियों ने मामले की जानकारी वरिष्ठ अधिकारी को नहीं दी। जब वह दोवारा ब्लड लेने और पॉजिटिव रिपेार्ट दिखाने आया। उसके बाद जांच की गई तो ब्लड गायब था। उसके बाद भी जिम्मेदारों ने इस गंभीर लापरवाही पर कार्रवाई को छोड़ मामला को दवाने का प्रयास किया है। हालांकि गर्भवती महिला अभी स्वस्थ्य है।
३० मई को झांसी रोड पुष्पा स्कूल के सामने रक्तदान शिविर आयोजित किया गया था। जिसमें हेपेटाइटिस बी संक्रमित व्यक्ति का ब्लड ले लिया था। जबकि ब्लड डोनेट करने वाले व्यक्ति ने ब्लड दान करने के पहले कर्मचारियों को बीमार होने की जानकारी दी थी। उसके बाद भी ब्लड ले लिया गया। वहीं व्यक्ति अपना ब्लड वापस लेने के लिए अस्पताल में दो से तीन बार गया। उसके बाद भी ब्लड बैंक के कर्मचारियों ने उसकी जांच नहीं की और वहीं ब्लड ९ जून को गर्भवती महिला को चढ़ा दिया। हालांकि अभी महिला को कोई असर नहीं हुआ है। डॉक्टरों का कहना था कि संक्रमित ब्लड का असर १५ से २० वर्ष बाद होता है।
दो बार की गई जांच, दोनों बार निकली हेपेटाइटिस पॉजिटिव
ब्लड डोनेट करने वाले भूपेंद्र लोहिया ३५ वर्ष का कहना था कि मै पहले से संक्रमित था। वहीं जानकारी रक्तदान शिविर में दी। लेकिन उन्होंने बीप्लस रक्त ले लिया। १० और १५ जून के बीच अपना ब्लड लेने के लिए जिला अस्पताल पहुंचा और डॉक्टर योगेश यादव से मिला और मामले की जानकारी दी। उसके बाद ब्लड बैंक में रजिस्टर देखा तो ब्लड डोनेट हो चुका था। फिर जांच करवाई को हेपेटाइटिस पॉजिटिव निकला।
गंभीर हालात में थी अस्पताल में भर्ती
कारी निवासी भागचंद्र पाल ने बताया कि ७ और ८ जून को बहू ममता पति राकेश पाल २२ वर्ष की तबीयत खराब हो गई थी। जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों ने बोला ब्लड की जरूरत है। ब्लड बैंक जाकर ब्लड दे दिया। उसके बदले ब्लड बैंक वालों ने ९ जून को बीप्लस ब्लड बहू को चढ़ा दिया। उसके बाद १० जून को अस्पताल से घर आ गया। बहू मायके में है। अभी फिलहाल स्वस्थ्य है।

ऐसे मिली जानकारी
रक्तदान शिविर में तो ब्लड बैंक कर्मचारियों ने रक्त ले लिया। लेेकिन किसी भी ब्लड की जांच नहीं की और१० दिन बाद वहीं ब्लड गर्भवती महिला को चढ़ा दिया। मामले की जानकारी तब लगी जब व्यक्ति अपना ब्लड वापस लेने के लिए बैंक पहुंचा। जब वह ब्लड देखा तो ९ जून को चड़ गया था। इस गंभीर लापरवाही की जानकारी सिविल सर्जन के साथ सीएमएचओ अधिकारी के पास पहुंची। लेकिन उन्होंने मामले को दवा दिया है। इस घटना के बाद से मरीजों के मन में भी डर है कि यह लापरवाही हमारे साथ भी कर सकते है।
ऐसे भी फैलता है हेटेटाइटिस बी
संक्रमित ब्लड, संक्रमित सुई, ड्रग एडिक्ट, एक ही सिरिंज से टैटू बनवाने पर, संक्र्रमित मॉ से उनके शिशु को संक्रमित होने की संभावना होती है। इसके साथ ही दूषित भोजन और दूषित पानी से हेपेटाइटिस फैलता है।
इनका कहना
मामले की जानकारी नहीं है। यह गंभीर मामला है। किसने ब्लड लिया था और किसने कब किसको चढ़ाया है। प्रभारियों को जानकारी होगी। मामले की जांाच जल्द ही की जाएगी। लापरवाह पर जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
डॉ.अमित शुक्ला सिविल सर्जन जिला राजेंद्र अस्पताल टीकमगढ़।