सोशल डिस्टेंस के प्रति सजग हो रहा टीकमगढ़

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Published: 30 Mar 2020, 05:00 AM IST

कोरोना वायरस संक्रमण फैलने से बचाव के लिए लॉकडाउन का असर अब टीकमगढ़ सहित आसपास के शहरों में स्पष्ट दिखने लगा है।


टीकमगढ़.कोरोना वायरस संक्रमण फैलने से बचाव के लिए लॉकडाउन का असर अब टीकमगढ़ सहित आसपास के शहरों में स्पष्ट दिखने लगा है। सोशल डिस्टेंस पर भी लोग अमल करने लगे हैं। हालांकि शुरू के दो-तीन दिन पुलिस व प्रशासन को काफी मशक्कत करनी पड़ी लेकिन अब कुछेक को छोड़कर ज्यादातर लोग सोशल डिस्टेंस को अपने दैनिक जीवन में प्राथमिकता दे रहे हैं। जिला प्रशासन व पुलिस महकमे के लिए यह राहत की बात है। लॉकडाउन के पांचवें दिन रविवार को बाजार जाने वाले लोग दुकानों के बाहर बिना कहे सोशल डिस्टेंस पर अमल करते नजर आए। जिसने भी इस क्रम को तोडऩे कोशिश की उसे या तो बगल में खड़े ग्राहक ने टोक दिया या फिर दुकानदार ने नसीहत दे डाली। बाजार में निर्धारित समय से पहले ही ग्राहक अपने घर को लौटने को आतुर दिखे।
शहर के नजाई मंडी में सुबह लगने वाली सब्जी विक्रेताओं व खरीदारों भीड़ को कम करने के लिए जिला प्रशासन ने शहर के विभिन्न भागों में सब्जी विक्रेताओं के लिए जगह सुनिश्चित करने से सोशल डिस्टेंस कायम रखने में ग्राहकों को काफी सहूलियत मिली है। शहर के नजरबाग स्कूल परिसर के बड़े मैदान में सब्जी विक्रेताओं पास अपेक्षाकृत कम भीड़ राहत देने वाली है। हर विक्रेताओं के सामने बने गोल चिह्न की लोग स्वत: पालन करते नजर आए। खास बात यह कि लोग सब्र के साथ अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं। इसी तरह मेडिकल की दुकानों के बाहर भी ग्राहक सोशल डिस्टेंस बना कर अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं।

समझदारी दिखा रहे हैं लोग
शहर के बाहरी इलाकों में शुरू के दो-तीन दिन पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी थी। लेकिन नगर पालिका की कचरा संग्रह करने वाली गाड़ी से बार-बार प्रशासन के संदेश प्रसारित करवाने के बाद लोगों में सोशल डिस्टेंस के प्रति समझ बढ़ी है। शहर के बाहरी इलाकों में पुलिस वाहन से सख्त हिदायत के संदेश के बाद रविवार को हालात काफी कुछ बदला-बदला सा नजर आया।
इन्हें कौन समझाए
सुबह सात बजे से 11 बजे तक जरूरी सामानों की खरीदारी के लिए लॉकडाउन में ढील के समय एक बाइक पर दो-तीन सवारी के साथ घूमते नजर आए। ऐसे लोगों के साथ पुलिसकर्मी सख्ती से पेश आए। बाइक चालकों के तमाम बहाने धरे-धरे के रह गए। मान-मन्नौवल के बावजूद एक व्यक्ति को ही आगे बढऩे दिया गया। कई जगह उठक-बैठक भी करवाया गया।