बर्थडे विशेष: कभी एक ही लड़की के लिए धड़कता था संजू और पेस का दिल, फिर दोनों के साथ हुआ ये हादसा

|

Published: 17 Jun 2018, 01:15 PM IST

खेल के अलावा पेस अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर सुर्ख़ियों में रहे। क्या आप जानते हैं उनका बॉलीवुड अभिनेता संजय दत्त से भी एक कनेक्शन है।

नई दिल्ली। भारत में जब भी खेल की बात होती है लोगों के जहन में क्रिकेट ही आता है। भारत में खेल के मामले में क्रिकेट से ज्यादा प्रसिद्द कोई खेल नहीं है। ऐसे में क्रिकेटरों से ज्यादा नाम टेनिस के इस दिग्गज खिलाड़ी ने कमाया। टेनिस के महान खिलाड़ियों में शुमार लिएंडर पेस का आज 45वां जन्मदिन है। पेस भारत के ही नहीं, बल्कि दुनिया के सफल डबल्स खिलाड़ियों में शामिल हैं। पेस ने कड़ी मेहनत से एक अलग मुकाम हासिल किया और भारत जैसे देश में जहां क्रिकेट के अलावा अन्य खेलों को ज्यादा तब्बजो नहीं दी जाती वहां टेनिस का एक अलग नाम बनाया। खेल के अलावा पेस अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर सुर्ख़ियों में रहे। क्या आप जानते हैं उनका बॉलीवुड अभिनेता संजय दत्त से भी एक कनेक्शन है।

दत्त की पत्नी से हो गया था प्यार
जी हां! पेस को बॉलीवुड अभिनेता संजय दत्त की पत्नी से प्यार हो गया था। संजू की दूसरी पत्नी और बॉलीवुड मॉडल रिया पिल्लई से पेस को प्यार हो गया था जिसके बाद संजू ने रिया को तलाक दे दिया था। संजू से तलाक के बाद रिया पेस के साथ रहने लगी। दोनों का रिश्ता दस साल तक चला, संजू के बाद रिया का पेस से भी तलाक हो गया। दोनों की 11 साल की एक बेटी है जिसका नाम ऐयाना पेस है। इतना ही नहीं रिया ने पेस पर घरेलु हिंसा का केस भी किया था और मुआवजे के तौर पर एक करोड़ रूपए भी मांगे थे। पेस रिया को हर महीने 1.5 लाख रूपए देते हैं लेकिन रिया चाहती है के पेस 2.60 लाख रूपए दें। ऐयाना को ब्रेन ट्यूमर है और रिया चाहती हैं पेस हर महीने उसके इलाज के लिए 1.87 लाख रूपए दें और रिया के खर्च के लिए 75000 अलग से।

विम्बलडन जीत किया देश का नाम रोशन
बता दें लिएंडर पेस का जन्म 1973 को गोवा में हुआ था। उनकी मां जेनिफर पेस भारतीय बास्केट बॉल टीम की कप्तान थी। पिता अगापितो पेस हॉकी के मिड-फील्डर थे। लिएंडर पेस ने सात साल की उम्र से टेनिस खेलना शुरू किया और 1985 में मद्रास की ब्रिटेनिया टेनिस अकेडमी ज्वाइन की। 1991 में पेस ने जूनियर यूएस और जूनियर विम्बलडन का खिताब जीतकर प्रफेशनल टेनिस की दुनिया में कदम रखा था। आज करीब 28 साल बाद लिएंडर कहते हैं, 'मैं 45 साल का होने जा रहा हूं। ऐसे में मेरा सबसे बड़ा लक्ष्य यह है कि टोक्यो ओलिंपिक 2020 तक मैं अपनी फिटनेस बरकरार रख सकूं, ताकि इस बड़े खेल के आयोजन में टीम इंडिया का हिस्सा बन देश के लिए पदक जीत सकूं।' बेशक अंदाज़ा लगाना मुश्किल है कि लिएंडर किस मिट्टी के बने हैं। आज से आठ बरस पहले 2010 से ही लोगों को लगने लगा था कि शायद अब लिएंडर खेल को अलविदा कह देंगे, लेकिन बार-बार वह कोई न कोई ग्रैंडस्लैम जीतकर आ जाते हैं और आलोचकों की बोलती अपने आप बंद हो जाती है।

Related Stories