गायत्री मंत्र जप से हो जाते हैं गरीब, जानिए ऐसे ही कुछ तांत्रिक सीक्रेट्स

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Published: 25 Aug 2017, 04:32 PM IST

गायत्री मंत्र के जप से व्यक्ति के न केवल सभी कष्ट दूर होते हैं वरन उसे मृत्यु के पश्चात मोक्ष की भी प्राप्ति होती है

सनातन धर्म में गायत्री मंत्र को महामंत्र माना जाता है। एकमात्र इस मंत्र के जप से व्यक्ति के न केवल सभी कष्ट दूर होते हैं वरन उसे मृत्यु के पश्चात मोक्ष की भी प्राप्ति होती है। आप चाहे जिस भी इच्छा को लेकर इस मंत्र का जप करेंगे, वह इच्छा अवश्य ही पूरी होती है। परन्तु गायत्री मंत्र के साथ कुछ ऐसी चीजें भी हैं जो अगर जप करने वाले को मालूम न हो तो उसका बहुत बड़ा नुकसान भी हो सकता है।

गायत्री मंत्र जपने से छूट जाते हैं घर, परिवार और दुनिया
वास्तव में गायत्री मंत्र भक्त को साधना की गहराई में ले जाता है। जहां उसके लिए कुछ भी बाकी नहीं रहता, फिर चाहे मंत्र जप किसी भी इच्छा से ही क्यों न किया गया हो। दरअसल गायत्री मंत्र का अधिक जप व्यक्ति को वैराग्य की ओर ले जाता है। एक लिमिट से ज्यादा जप कर लेने पर व्यक्ति पूरी तरह साधु के स्वभाव वाला हो जाता है। उसमें घर, परिवार तथा दुनिया के प्रति कोई आकर्षण नहीं रह जाता और वह अपने इष्टदेव के चरणों की भक्ति में ही खो जाता है।

गरीब भी बना देता है गायत्री मंत्र
इस मंत्र का जप करने से व्यक्ति के समस्त पिछले पाप तथा पुण्य समाप्त होना आरंभ हो जाते हैं ताकि उसे मोक्ष मिल सके। ऐसे में उसकी सुख समृद्धि भी समाप्त होने लगती है और वो दरिद्र बनने लगता है। हालांकि उसे जब भी पैसे की आवश्यकता होती है, स्वयं लक्ष्मी उसके कार्य पूरे करने के लिए आती है। परन्तु आम जीवन में उसके पास पैसा नहीं रहता।

24 देवशक्तियों को समेटे हुए हैं गायत्री मंत्र
24 अक्षरों से बना गायत्री मंत्र वस्तुत 24 अलग-अलग देवताओं की संयुक्त शक्ति है। जब इस मंत्र का जप किया जाता है तो ये सभी देवशक्तियां भक्त की मदद के लिए सक्रिय हो जाती हैं और उसकी आवश्यकता के अनुसार मदद करती हैं। परन्तु आपको यह जानकर आश्चर्य होगा कि इन सभी देवशक्तियों के लिए 24 अलग-अलग गायत्री मंत्र भी है। आप अपनी आवश्यकतानुसार भी इनका प्रयोग कर सकते हैं।