गड़बडी कर रहे पेट्रोप पंप, सुरक्षा नियमों की भी कर अनदेखी

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Published: 26 Aug 2017, 11:13 AM IST

शहर के कई पेट्रोल पंपों में न तो आग बुझाने के लिए पर्याप्त संसाधन

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अनूपपुर. शहर में संचालित पेट्रोल पंपों मे सुरक्षा के नियमों की अनदेखी की जा रही है। शहर के कई पेट्रोल पंपों में न तो आग बुझाने के लिए पर्याप्त संसाधनों की व्यवस्था है, और न तो ग्राहकों के सुविधा के लिए पर्याप्त व्यवस्था। इसके कारण ग्राहकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं कई पेट्रोल पंपों में मोबाइल में बात करने वाले ग्राहकों और धूम्रपान करने पर भी कोई रोक टोक नहीं है। जिससे कभी भी कोई बड़ी दुर्घटना से नकारा नहीं जा सकता है। शासन द्वारा पेट्रोप पंप संचालकों को पेट्रोल पंप का लाइसेंस देते समय ग्राहकों की सुविधा के लिए कई नियम शर्ते लागू किए जाते है। लेकिन वर्तमान में शहर के कई पेट्रोल पंपों में ग्राहकों को सुविधा उपलब्ध कराने के नियम व कानून सिर्फ करार पत्र तक सीमित हो चुके है। प्रशासनिक और विभागीय अधिकारियों की अनदेखी के कारण पेट्रोल पंप संचालकों की मनमानी चरम पर पहुंचती जा रही है, जो करार पत्र के अनुरुप मापदंडों का पालन नहीं करते है। जिसका खामियाजा सीधे ग्राहकों पर पड़ रहा है।
जिलेभर में संचालित अधिकांश पेट्रोल पंपो में कर्मचारियों के अनुसार रूपए देने के बाद भी ग्राहकों के सही दाम देने के बाद भी पर्याप्त पेट्रोल डीजल नहीं दिया जाता है। पेट्रोल पंप संचालको के खिलाफ कोई कडी कार्रवाई न होने के कारण पेट्रोप पंप पूरा दाम देने के बाद भी ग्राहको के दाम के अनुरूप समान नहीं मिल पाता है। जिससे ग्राहक अपने आपको छला महसूस कर रहे है।
भारत पेट्रोल एवं इंडियन आयल के नियमानुसार सभी पेट्रोल पंपों में निशुल्क हवा भरने की व्यवस्था होनी चाहिए, लेकिन वर्तमान में शहर के कई ऐसे पेट्रोप पंप है जहां शासन के इन नियम कानून का सरेआम उल्लंघन किया जा रहा है। स्थिति यह है कि कई ऐसे पेट्रोल पंप है जहां हवा भरने के लिए लगाई गई कंप्रेशर मशीन या तो बिगडी पड़ी हुई है या उसे आपरेट करने वाला कोई कर्मचारी ही मौजूद नहीं होता है। वर्तमान समय में शहर के भीतर लगभग आधा दर्जन से अधिक पेट्रोल पंप संचालित है। जहां अधिकतर पेट्रोल पंपों की सुरक्षा के संसाधन और सुविधाओं का अभाव है। साथ ही ग्राहकों के पेयजल की भी व्यवस्थाएं नहीं है। जिसके कारण ग्राहकों को असुविधाओं का सामना करना पड़ता है। आश्चर्य की बात तो हैकि इन पेट्रोप पंपों में विभागीय अधिकारियों सहित प्रशासनिक अधिकारियों का आना जाना लगा रहता है, लेकिन आज तक किसी ने भी नियम कानून का उल्लंघन करने वाले पेट्रोप पंप संचालको के खिलाफ कार्रवाई की सुध नहीं ली।
नियमानुसार खाद्य विभाग द्वारा हर तीन महीने के अंतराल में पेट्रोप पंप का निरीक्षण कर सेंपलिग ली जानी चाहिए। इस दौरान यदि अनियमितता या किसी तरह की गडबडी पाईगईतो संचालक के खिलाफकड़ी कार्रवाईकी जाती है। लेकिन वर्तमान में किसी तरह की कोईकार्रवाईन होने के कारण फिर से पेट्रोप पंप संचालकों द्वारा अनियमितताएं बरती जा रही है। इसी तरह नाप तौल विभाग द्वारा पेट्रोप पंप में मिलने वाले डीजल पेट्रोल के सही मानकों की जांच समयावधि में की जानी चाहिए कि ग्राहकों को उनके दिए गए दाम पर पेट्रोल डीजल मिल रहा है या नहीं। बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की जाती है।