श्रम सुधारों को लेकर चैम्बर ने दिया प्रजेंटेशन

|

Published: 28 Nov 2020, 04:49 PM IST

केंद्रीय श्रम मंत्री संतोष गंगवार से मिला चैम्बर का प्रतिनिधिमंडल, सामने रखी मांगे

सूरत. केंद्रीय श्रम मंत्री से मिले चैम्बर के प्रतिनिधिमंडल ने प्रजेंटेशन देकर श्रम कानूनों में सुधार के लिए अपना पक्ष रखा। उन्होंने ग्रेच्युटी की गणना को 15 से 25 दिन करने के साथ ही ग्रेच्युटी के लिए न्यूनतम सेवाकाल बढ़ाकर सात वर्ष करने समेत अन्य संशोधनों की मांग की।

केंद्रीय श्रम मंत्री संतोष गंगवार अहमदाबाद आए थे। सूरत से दक्षिण गुजरात चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज की लेबर लॉ कमेटी चेयरमैन सोहेल सवाणी के साथ चैम्बर का एक प्रतिनिधिमंडल शुक्रवार को उनसे मिला। सोहेल ने गंगवार से चैम्बर का पक्ष रखते हुए नए श्रम कानून में संशोधन का प्रस्ताव रखा। उन्होंने कहा कि ग्रेच्युटी की गणना में बदलाव की जरूरत है। ग्रेच्युटी की गणना को 15 से 25 दिन किया जाना चाहिए, जिससे कर्मचारियों को बेहतर राशि मिल सकेगी।

साथ ही ग्रेच्युटी के लिए न्यूनतम सेवाकाल बढ़ाकर सात वर्ष किया जाना चाहिए, जिससे मालिकों को कर्मचारियों का लंबा सेवाकाल मिलेगा और उनकी कंपनी बेहतर परिणाम हासिल कर पाएगी। इसके साथ ही एनडीए सरकार के पुराने प्रस्तावित कानून के मुताबिक 40 से कम कर्मचारियों वाले कार्यस्थल में श्रम कानूनों में रियायत को शामिल करने की मांग की। गुजरात सरकार के 20 श्रमिकों से कम संख्या वाली कंपनियों और दफ्तरों में नगद भुगतान की सुविधा है। इसे केंद्रीय श्रम कानून में शामिल किया जाना चाहिए।

इएसआइ अस्पतालों की स्थिति में सुधार की मांग करते हुए उन्होंने कहा कि जिन कर्मचारियों ने स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी ले रखी है और इएसआइ के दायरे में आते हैं, उन्हें इएसआइ में कटौती से बाहर रहने की सुविधा दी जाए। उन्होंने याद दिलाया कि पूर्व वित्त मंत्री स्व. अरुण जेटली ने भी इस तरह के प्रस्ताव की बात कही थी। इस पर अमल किए जाने की जरूरत है। पीएफ में कर्मचारियों की ओर से कटौती को 12 फीसदी से घटाकर 8.33 फीसदी करने की मांग की। उन्होंने साफ किया कि कंपनियां अपने हिस्से का 12 फीसदी ही पीएफ में देती रहें, लेकिन कर्मचारियों को अपने हिसाब से कम से कम 8.33 फीसदी की कटौती की जाए। गौरतलब है कि केंद्र सरकार इसे पहले ही दस फीसदी करने का मन बना रही है। सोहेल ने बताया कि गंगवार ने चैम्बर को दिल्ली आकर इस मामले पर विस्तार से बात करने का आमंत्रण दिया।