GOOD NEWS: सासणगिर के घने जंगल में देवदूत बने सूरत के चिकित्सक

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Published: 28 Nov 2020, 09:04 PM IST

- क्रिटिकल केयर स्पेशलिस्ट डॉ. राजेश प्रजापति अटल संवेदना कोविड सेंटर में दे चुके हैं सेवाएं, वृद्धा के उपचार का वीडिय़ो भी हुआ वायरल

 

सूरत. माता-पिता को सौराष्ट्र में सोमनाथ ज्योतिर्लिंग के दर्शन करवाकर वापस लौटे रहे सूरत के चिकित्सक ने सासणगिर के घने जंगल में देवदूत बनकर एक वृद्धा की जान बचाई है। वृद्धा की धड़कन अचानक रुक गई थी और वो बाइक से गिरकर बेहोश हो गई थी। सूरत के डॉ. राजेश प्रजापति के बुजुर्ग महिला की घने जंगल में उपचार का वीडिय़ो भी वायरल हुआ है।
घटना के मुताबिक सूरत के क्रिटिकल केयर स्पेशलिस्ट डॉ. राजेश प्रजापति अपने माता-पिता को सौराष्ट्र में सोमनाथ मंदिर दर्शन कराने ले गए थे और वापस लौट रहे थे। इस दौरान सासणगिर व तलाळा के घने जंगल के बीच उनकी कार के आगे चल रही बाइक पर पीछे बैठी बुजुर्ग महिला अचानक नीचे गिर गई। यह देख डॉ. प्रजापति ने गाड़ी रोकी और उसके पास पहुंच गए और तब तक वृद्धा की नब्ज ठंडी पड़ गई थी और धड़कन भी रुक गई थी। यह देख डॉ. राजेश प्रजापति ने तत्काल ही बुजुर्ग महिला को सीपीआर (कार्डियो पल्युमेनरी रेस्क्युसन) देना शुरू कर दिया। करीब 10-12 मिनट के बाद बेहोश पड़ी बुजुर्ग महिला के शरीर में हल्की हलचल होने लगी और कुछ देर के प्रयास से वह बैठी भी हो गई। इस दौरान वहां से गुजरने वाले राहगीरों की भीड़ जमा हो गई और उन्हीं में से किसी ने मोबाइल पर वीडिय़ो बनाकर वायरल कर दिया। बाद में बुजुर्ग महिला को सुगर मेंटेन करने के लिए चॉकलेट-टॉफी दी गई और कुछ देर बाद स्थल पर एम्बुलेंस पहुंचने पर उन्हें तलाळा सरकारी अस्पताल ले जाया गया।

-नाम-पता तक नहीं पूछ पाए

घटना के संबंध में डॉ. राजेश प्रजापति से पूछने पर उन्होंने बताया कि आंखों के सामने अचानक हुई घटना से बुजुर्ग महिला को तत्काल ही सीपीआर उपचार मिल गया अन्यथा मुश्किल हो सकती थी। यह सब कुछ इतना जल्दी हुआ कि उनके बारे में किसी तरह की औपचारिक पूछताछ भी नहीं कर पाए, बस इस बात की खुशी है कि 10-12 मिनट के प्रयासों से उनकी धड़कन लौट आई। उसके बाद उन्हें एंबुलेंस से तलाळा के अस्पताल ले जाया गया, जहां से वे ठीक होकर घर लौट गई।

-कोई भी सीख सकता है सीपीआर पद्धति

कार्डियो पल्मोनेरी रेस्क्युसन पद्धति के बारे में डॉ. प्रफुल्ल शिरोया ने बताया कि हार्ट अटैक की वजह से मनुष्य के शरीर में हृदय व मस्तिष्क को खून के बंद हुए प्रवाह को बनाए रखने के लिए सीपीआर पद्धति मेडिकल इमरजेंसी के समान है। अडाजण के रेडक्रॉस ब्लड बैंक में इसके बारे में लोगों को प्रशिक्षण दिया जाता है ताकि अचानक आई आपदा के समय वे किसी व्यक्ति का सीपीआर पद्धति से जीवन बचा सकें। ऐसे ही प्रशिक्षण अन्य मेडिकल एसोसिएशन भी लोगों को देते हैं।

-अटल संवेदना कोविड सेंटर में दी बेहतर सेवा

अलथाण में अटल संवेदना कोविड सेंटर कोरोना मरीजों के लिए शुरू किया गया था और उसमें डॉ. राजेश प्रजापति ने लगातार सेवा दी थी। इसके अलावा वे यूनिक, महावीर, मैत्रेय, निर्मल आदि होस्पीटल में भी चिकित्सकीय सेवा देते हैं। विधायक हर्ष संघवी ने बताया कि डॉ. राजेश प्रजापति सेवाभावी है। उन्होंने अटल संवेदना कोविड सेंटर में बेहतर सेवा दी थी, उनके प्रयास सदैव ही लोगों के अच्छे स्वास्थ्य के लिए रहते हैं।