सरकारी जमीन आवंटित करवाने का झांसा देकर एक करोड़ की ठगी

|

Updated: 28 Feb 2021, 09:33 PM IST


- डिप्टी कलेक्टर का फर्जी परिचय पत्र दिखाने वाली महिला समेत दो के खिलाफ कतारगाम थाने में मामला दर्ज
- Case filed against two including woman showing fake identity card of deputy collector in katargam police station

सूरत. कतारगाम एक बिल्डर को नवसारी जिले के सिसोद्रा गांव में सरकारी जमीन आवंटित करवाने का झांसा देकर एक करोड़ रुपए की ठगी का मामला सामने आया है। इस संबंध में कतारगाम पुलिस ने उसे फर्जी परिचय पत्र दिखा कर वडोदरा शहरी विकास मंडल में डिप्टी कलेक्टर के रूप में पहचान देने वाली महिला समेत दो जनों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।

पुलिस के मुताबिक बारडोली बाबेन गांव निवासी नेहा पटेल व गांधीनगर निवासी रामदेवसिंह उमट ने मिल कर कतारगाम अशोकनगर निवासी सोसायटी बिल्डर गुणवंत आंबलिया के साथ ठगी की। 2016 में गुणवंत की एक वकील के कार्यालय में रामदेवसिंह से मुलाकात हुई। रामदेव ने उन्हें बताया कि वह गांधीनगर सचिवालय में उसकी पहुंच है। वह जमीनों के काम करता है। फिर उसी ने नवसारी जिले के सिसोद्रा गांव तलाव की जमीन के बारे में बताया और कहा जमीन बेकार पड़ी है।

वह उक्त जमीन सरकार से आवंटित करवा सकता है। गुणवंत ने जमीन देखने के बाद उसमें रुची दिखाई तो उसने कुल तीन करोड़ रुपए का खर्च बताया। उसने एक करोड़ रुपए पहले नेहा को देने की बात की। बाकी काम हो जाने के बाद देना तय किया। बात होने पर नेहा अडाजण स्टार बाजार में उससे मिली। उसने वडोदरा शहरी विकास सत्ता मंडल में डिप्टी कलेक्टर का अपने नाम परिचय पत्र दिखाया और कहा कि आप मुझे कर भरोसा कर सकते है।

एक साल के अंदर आपका काम हो जाएगा। उसके बाद टुकड़ों में उसे एक करोड़ रुपए दे दिए। लेकिन उसका काम नहीं हुआ। एक साल होने के बाद नेहा फिर मिली तो उन्हें दुबारा नवसारी कलेक्टर कार्यालय में अर्जी करने के लिए कहा। उन्होंने दुबारा अर्जी भी की। उसके बाद दिपावली की छुट्टियों के बहाने टामलटोल की। फिर भी काम नहीं हुआ तो उसने एक करोड़ के बदले 36 लाख रुपए का चेक दिया। बाकी रुपए भी जल्द देने की बात की। लेकिन चेक भुनाने से पहले ही अपने खाते में स्टॉफ पैमेंट करवा दिया।