कहीं भारी ना पड़ जाए कोरोना के नियमों की अनदेखी

|

Published: 28 Feb 2021, 08:15 PM IST

लोग मास्क पहनने से कर रहे हैं परहेज

सिलवासा. पिछले कुछ समय से कोरोना के नियमों में ढिलाई बरती जा रही हैं। निकटवर्ती महाराष्ट्र में बढ़े कोरोना मरीजों के बाद भी स्थानीय प्रशासन सख्त नहीं है। हालांकि जिला कोरोना मुक्त होने की ओर बढ़ रहा हैं। फरवरी के अंतिम दिन रविवार तक जिले में कोरोना के सिर्फ दो केस सामने आए हैं परन्तु महाराष्ट्र में मिले कोरोना के नए वैरिएंट से मामला बिगड़ सकता हैं।


दादरा नगर हवेली (दानह) का कारोबार सीधे मुंबई से जुड़ा है। यहां से रोजाना हजारों लोग मुंबई और महाराष्ट्र के विभिन्न शहरों में आवागमन करते हैं, जिससे जिले में कोरोना के फैलने की संभावना से इनकारनहीं किया जा सकता है। बहरहाल, दानह में कोरोना संक्रमितों की संख्या 2 है, जिससे लोग लापरवाह हैं। वैक्सीन आने के बाद लोगों को लगने लगा है कि कोरोना कुछ नहीं बिगाड़ सकता। ऐसे में यह चिंता की बात है। देखें तो मास्क को लेकर पहले जितनी सख्ती नहीं है। बाजार, सार्वजनिक जगह, बड़े कार्यक्रम, सरकारी दफ्तर, हाट बाजार आदि जगह लोग कोरोना को हल्के में ले रहे हैं। सोशल डिस्टेंस जैसी कोई चीज अब नहीं रह गई है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि एक और जहां कोरोना में काफी सुधार हुआ है, वहीं उद्योग, यातायात, शिक्षण संस्थान आदि शुरू होने से फिर से संक्रमण से इंकार नहीं किया जा सकता है।


तीसरे चरण का टीकाकरण आज से


स्वास्थ्य विभाग तीसरे चरण में एक मार्च से 60 वर्ष से अधिक उम्रदराज लोगों को टीका लगाना आरम्भ कर देगा। इसके साथ 45 वर्ष से 59 वर्ष आयु वाले बीमारियों ने चिन्हित लोगों को भी वैक्सीन की डोज दी जाएगी। टीकाकरण के लिए दानह मेंं 34092 लोगों को पंजीकृत किया गया है तथा 41 केन्द्र बनाए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से कहा गया है कि टीका लगाने वाले अभ्यर्थियों को पंजीकरण कराना अनिवार्य है। अभ्यर्थी को निर्धारित वेबसाइट पर पहचान पत्र, आयु तथा बीमारी वाले लोगों को पंजीकृत डॉक्टर से बीमारी का प्रमाण पत्र देना होगा।