कांग्रेस ने सुभाषबाबू को किया था साइडट्रेक- रुपाणी

|

Published: 23 Jan 2021, 05:39 PM IST

पराक्रम दिवस के रूप में मनाई नेताजी की 125वीं जयंती, हरिपुरा में हुआ गुजरात का मुख्य आयोजन

बारडोली. मुख्यमंत्री विजय रुपाणी ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस ने हमेशा ही नेताजी को साइडट्रेक किया। उन्होंने कहा कि नेताजी ने अखंड भारत का स्वप्न देखा था।

नेताजी सुभाषचंद्र बोस की 125वीं जयंती को देश पराक्रम दिवस के रूप में मना रहा है। गुजरात सरकार का मुख्य कार्यक्रम सूरत जिले की बारडोली तहसील के हरिपुरा गांव में आयोजित किया गया था। कार्यक्रम में भाग लेने के लिए मुख्यमंत्री शनिवार को हरिपुरा गांव आए थे। इस मौके पर नेताजी को याद करते हुए उन्होंने कहा कि नेताजी अखंड भारत के हिमायती थे। वे चाहते थे कि सभी देशवासी शिक्षित हों। उन्होंने ‘तुम मुझे खून दो, मे तुम्हें आजादी दूंगा’ के नारे के साथ अंग्रेजों के खिलाफ आजादी की जंग छेड़ी थी। नेताजी के आजाद भारत के विजन को साइडट्रैक कर कांग्रेस ने उनके सपने को पूरा नहीं होने दिया।

मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस परिवारवाद की जनक है। आजादी के बाद कांग्रेस ने सरदार पटेल, सुभाषबाबू, वीर सावरकर, श्यामजी कृष्ण वर्मा जैसे स्वातंत्र्य वीरों के योगदान को भुला दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विश्व की सबसे ऊंची प्रतिमा स्टेच्यू ऑफ यूनिटी बनाकर सरदार पटेल को श्रद्धांजलि दी। कोलकाता में सुभाष बाबू का भव्य स्मारक और म्यूजियम तथा अंडमान निकोबार की सेल्यूलर जेल को सावरकर स्मारक बनाकर उनके योगदान को याद किया। मोदी ने जिनेवा से श्यामजी कृष्ण वर्मा की अस्थियां गुजरात लाने का कार्य किया।

मुख्यमंत्री ने हरिपुरा में सुभाष बाबू की प्रतिमा को सूत का माला पहना कर श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर उन्होंने सुभाषबाबू के स्मारक का दौरा कर 68 चित्र की प्रदर्शन का उदघाटन किया। मुख्यमंत्री ने नेताजी सुभाषचन्द्र बोस की प्रेरक जीवनगाथा और संग्रहीत अलभ्य पत्रों की पुस्तिका का विमोचन भी किया। इससे पहले मुख्यमंत्री के हरिपुरा पहुंचने पर ग्रामीणों और कार्यकर्ताओं 51 बैलों की बैलगाड़ी में बिठाकर उनका स्वागत किया।

सूरत से है पुराना नाता

नेताजी का सूरत से पुराना रिश्ता है। आजादी से पहले नेताजी सूरत जिला के हरिपुरा गांव में आए थे। हरिपुरा में हुए कांग्रेस अधिवेशन में उनके साथ महात्मा गांधी, जवाहरलाल नेहरू और सरदार पटेल भी मौजूद रहे थे। नेताजी का हरिपुरा आना सूरत जिले ही नहीं प्रदेश के लिए भी गर्व का क्षण है।