AYODHYA YATRA: गुजरात के 912 पवित्र स्थलों से गई मिट्टी व जल

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Published: 04 Aug 2020, 09:47 PM IST

मार्ग में जगह-जगह हुआ था स्वागत, अयोध्या में देशभर के हजारों पवित्र स्थलों से जमा मिट्टी व जल का शिलान्यास में होगा उपयोग

सूरत. पांच सौ वर्ष के लम्बे संघर्ष व हजारों आहुतियों के बाद अयोध्या में साकार होने जा रहे जन-जन के आराध्यदेव प्रभु श्रीराम के भव्य मंदिर निर्माण शिलान्यास में बुधवार को गुजरात के 912 पवित्र स्थलों से भेजी गई मिट्टी व जल का उपयोग भी नींव में किया जाएगा। गुजरात के पवित्र स्थलों से संग्रहित मिट्टी व जलयुक्त ताम्र कलश श्रीराम जन्म भूमि तीर्थ न्यास समिति के महासचिव चंपत राय को पिछले दिनों ही अयोध्या में सुपुर्द किया गया।
इस बारे में जानकारी देते हुए दक्षिण गुजरात प्रांत बजरंग दल के संयोजक घनश्याम गोंडलिया ने बताया कि विश्व हिन्दू परिषद ने पांच अगस्त बुधवार को अयोध्या में श्रीराम मंदिर निर्माण शिलान्यास के सिलसिले में देशभर के पवित्र तीर्थस्थलों से मिट्टी व जल मंगवाकर नींव में डालने की योजना बनाई थी। योजना के अनुरूप गुजरात राज्य के उत्तर गुजरात प्रांत, दक्षिण गुजरात प्रांत व सौराष्ट्र प्रांत में पिछले दिनों एक सप्ताह तक पवित्र स्थलों की मिट्टी व जल के संग्रह का अभियान चला और उसके बाद 27 जुलाई को कर्णावती अहमदाबाद में राज्य के 912 पवित्र स्थलों से संग्रहित पवित्र मिट्टी व जल के ताम्र कलश के साथ अयोध्या के लिए रवानगी ली गई। इस दौरान उत्तर गुजरात प्रांत के धर्माचार्य संपर्क प्रमुख धीरुभाई कपूरिया, सौराष्ट्र प्रांत के नवनीत गोहिल सत्संग प्रमुख व उत्तर गुजरात प्रांत के ही धर्मप्रचार संयोजक रुपेश पंचाल मौजूद रहे। गुजरात से अयोध्या की यात्रा 29 जुलाई को पूरी हुई और वहां पर कारसेवकपुरम में श्रीराम जन्म भूमि तीर्थ न्यास समिति के महासचिव चंपत राय को गुजरातभर के 912 पवित्र स्थलों की मिट्टी व जल से भरे ताम्र कलश भेंट किए गए। यहां से बाद में गुजरात से गए प्रतिनिधिमंडल ने रामलला व रामजन्मभूमि, हनुमानगढ़ी के दर्शन किए और श्रीराम जन्म भूमि तीर्थ न्यास समिति के अध्यक्ष संत नृत्यगोपालदास महाराज के दर्शन व आशिर्वचन भी ग्रहण कर लौटे हैं।


मार्ग में जगह-जगह स्वागत


अहमदाबाद से अयोध्या की यात्रा के दौरान गुजरात के 912 पवित्र स्थलों से एकत्र मिट्टी व जल युक्त ताम्र कलश का पूजन-स्वागत भी मार्ग में कई स्थलों पर किए गए। इसमें राजस्थान के नाथद्वारा, ब्यावर, किशनगढ़ व उत्तरप्रदेश के आगरा शहर शामिल है। यहां पर परिषद कार्यकर्ताओं के अलावा अन्य धर्मप्रेमी भी जमा हुए।