हाईटेक स्कूल,गांव की फिजां में सफलता की महक

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Updated: 04 Sep 2020, 09:43 AM IST

-प्राचार्य,स्कूल स्टाफ की टीम भावना व भामाशाह का सहयोग,बदल दी स्कूल की फिजां

हाईटेक स्कूल,गांव की फिजां में सफलता की महक

-प्राचार्य ,स्कूल स्टाफ की टीम भावना व भामाशाह का सहयोग,बदल दी स्कूल की फिजां

बेमिसाल शिक्षक--श्रीगंगानगर.कुछ अलग करने का जज्बा व जुनून की बदौलत प्राचार्य,स्कूल स्टाफ की टीम भावना व गांव के भामाशाहों से आर्थिक सहयोग मिलने से एक सरकारी स्कूल की फि जां ही बदल दी। ग्रामीण अंचल का यह पूरा स्कूल हाइटेक है। कोरोना संक्रमण में विद्यार्थी इसका बेहतर लाभ उठा रहे हैं। स्कूल में सीसीटीवी कैमरे,हर कक्षा में 48 ईंच की एक-एक एलईडी लगी हुई है। इन पर विद्यार्थियों को ऑनलाइन पढ़ाई करवाई जाती है।
स्कूल का मुख्य गेट,एक बड़ा हाल,प्राचार्य का कार्यालय देखें तो आप दंग रह जाएं,साफ-सुथरी कंप्यूटर लैब,पेड़-पौधों से हरा-भरा बाग,परिसर में बेहतर साफ-सफाई,अच्छी व्यवस्था,बेहतर सुविधाएं व कड़ा अनुशासन और शानदार प्रति वर्ष परिणाम। यह कोई निजी विद्यालय नहीं एक सरकारी स्कूल है। राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय लाधूवाला के प्राचार्य राजेंद्र सिहाग के नेतृत्व में उनकी टीम व भामाशाह ने इस स्कूल की दिशा ही बदल दी।

हरियाली व खेल की जिम्मेदारी सहारण की
स्कूल में पीटीआई राधेश्याम सहारण कहते हैं कि सेवानिवृत अध्यापक पिता इंद्राज सहारण की प्रेरणा मिली कि स्कूल,गांव व बच्चों के लिए कुछ अलग करना चाहिए। स्कूल में आते हैं तो मन को बहुत सुकून मिलता है। स्कूल में हर तरफ हरियाली नजर आएगी। साथ ही विद्यालय में खिलाडिय़ों को तरासने का काम सहारण बेखूबी कर रहे हैं। इस स्कूल के फुटबॉल,बॉलीवॉल के बड़े ग्राउंड है। फुटबॉल व एथेलेटिक्स से छह नेशनल,127 स्टेट खिलाड़ी निकल चुके हैं। इनमें तीन विद्यार्थी सरकारी जॉब भी लगे हैं। व्याख्याता ललित कौशिक ने बताया कि स्कूल में हरी घास लगाकर पार्क तैयार किया गया है। औषधिएं सहित विभिन्न वैरायटी के पौैधे लगाए गए हैं।

झालावाड़ के पत्थर से मुख्य गेट
-भामाशाह कुलदीप सहारण के परिवार ने दस लाख रुपए की लागत से विद्यालय का मुख्य भव्य द्वार का निर्माण करवाया।

-सहारण परिवार ने 50 हजार रुपए की लागत से स्कूल में वॉटर क्यूरीफाई सिस्टम लगाया है,जिससे बच्चों को शुद्ध व ठंडा पानी पीने का मिल रहा है।
-स्कूल में छात्र-छात्राओं के लिए अलग से शौचालय की व्यवस्था है।

-विद्यालय स्टाफ ने राशि एकत्रित कर साइकिल स्टैंड का निर्माण करवाया।