प्रोढ़ शिक्षा में 400 स्वयं सेवक शिक्षकों की फर्जी नियुक्ति, डेढ़ करोड़ रुपए अभ्यर्थियों से किए वसूली

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Published: 04 Aug 2020, 11:15 AM IST

-ना कोई योजना,ना कोई पद,जबकि फर्जीवाड़ा कर दी गई नियुक्तियां

प्रोढ़ शिक्षा में 400 स्वयं सेवक शिक्षकों की फर्जी नियुक्ति, डेढ़ करोड़ रुपए अभ्यर्थियों से किए वसूली

-ना कोई योजना,ना कोई पद,जबकि फर्जीवाड़ा कर दी गई नियुक्तियां

पत्रिका पड़ताल-कृष्ण चौहान

श्रीगंगानगर.प्रोढ़ शिक्षा में अशिक्षित लोगों को पढ़ाने के लिए हर ग्राम पंचायत स्तर पर दो-दो स्वयं सेवक शिक्षकों के रूप में 400 अभ्यर्थियों की फर्जी नियुक्ति देकर एक करोड़ 60 लाख रुपए की कथित वसूली की है।हर अभ्यर्थी से नियुक्ति शुल्क व प्रशिक्षण के नाम पर चालीस-चालीस हजार रुपए की राशि नकद व ऑनलाइन बैक खाता में प्राप्त की गई है। जबकि साक्षरता विभाग में वर्तमान में इस प्रकार की कोई योजना ही नहीं चल रही है।जबकि पूर्व में संचालित की जा रही योजना 31 मार्च 2018 को बंद हो गई। जबकि इसमें घड़साना मंडी का एक निजी स्कूल का संचालक बलविंद्र सिंह पुत्र शिंगारा सिंह,उसका पुत्र राजेंद्र कुमार व साक्षरता विभाग में पूर्व में सूरतगढ़ ब्लॉक समन्वयक व श्रीगंगानगर एक प र फर्जीवाड़ा करने का आरोप लगाए गए हैं। जांच में इसका पूरा खुलासा हो जाएगा।

ऑडियों में खुलासा--पत्रिका ने इस प्रकरण की पड़ताल। इसमें मुख्य सूत्रधार बलविंद्र सिंह,सोहन लाल,करनैल सिंह व कृष्ण लाल नाम के व्यक्ति के एक दर्जन से अधिक ऑडियो सामने आए हैं। इनमें बलविंद्र सिंह व सोहन लाल की बार-बार स्वंय सेवक नियुक्ति प्रकरण को बातचीत हो रही है। इनमें अभ्यर्थियों की नियुक्ति,राशि जमा होने,कब काम शुरू होने सहित विस्तृत बातचीत की गई है। इस कथित ऑडियों में बड़े स्तर पर नियुक्ति के साथ करोड़ों रुपए का खेल की बात की जा रही है। चैक जमा होना,पास करवाना,कलक्टर के पास फाइल जाना,जयपुर से ऑनलाइन राशि जमा होने व सारक्षता विभाग के एक बाबू की भी चर्चा की गई है। (पत्रिका के पास इनकी बातचीत के कईऑडियों सुरक्षित है। )

बार-बार किया गया बहाना
इस कड़ी से जुड़े ख्यालीराम सहित अन्य लोगों ने बताया कि डीइओ ऑफिस का एक पत्र जारी हुआ है। इसके बाद स्वयं सेवक शिक्षक चयन का नियुक्ति पत्र दिया गया। इन लोगों ने प्रति माह 9500 रुपए वेतन देना बताया गया। पहले कहा गया कि योजना ऑनलाइन हो रही है और जल्दी ही चालू हो जाएगी। बाद में कोरोना संक्रमण व लॉकडाउन का कारण बताया गया।

जांच में होगा खुलासा--जिला परिषद सीइओ टीना डाबी को शिकायत मिलने पर एक जांच कमेटी गठित की गई है। इसमें मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी हरचंद गोस्वामी,जिला शिक्षा अधिकारी हंसराज यादव,जिला परिषद के सहायक लेखाधिकारी व सीबीइओ घड़साना को शामिल किया गया है। सीइओ ने जांच कमेटी को स्वयं सेवक शिक्षक चयन में 40-40 रुपए की कथित रूप से वसूली और फर्जीवाड़ा कर नियुक्ति पत्र जारी करने के प्रकरण की जांच की जा रही है। इस प्रकरण में पीडि़त अभ्यर्थी जिला कलक्टर महावीर प्रसाद से मिलकर आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की गई है। साथ ही पुलिस अधीक्षक को भी इन फजीवाड़ा करने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के लिए परिवाद दिया गया है।

इनका कहना है

ख्यालीराम व बलविंद्र सिंह ने प्रोढ़ शिक्षा में स्वयं सेवक शिक्षक के रूप में फर्जी नियुक्ति देकर चालीस-चालीस हजार रुपए वसूल किए। यह राशि बलविंद्र सिंह को नकद व 35 हजार रुपए उसके एसबीआई खाता में ऑनलाइन जमा करवाई गई। जबकि अब पता चला कि यह सब कुछ फर्जी है।
बलकार सिंह,अभ्यर्थी,बनवाली।

प्रोढ़ शिक्षा में स्वयं सेवक शिक्षक के रूप में तीस अभ्यर्थियों का चयन शुल्क व प्रशिक्षण का प्रत्येक व्यक्ति के चालीस-चालीस हजार रुपए के हिसाब से 12 लाख रुपए बलविंद्र सिंह व उसके बेटे को दिए गए। अब पता चला है कि यह सब नियुक्तियां फर्जी थी। इस प्रकार की कोई योजना ही नहीं है। इसकी डीइओ व सीइओ को शिकायत कर कार्रवाई की मांग की गई है।

ख्यालीराम,17 एफ बड़ा,श्रीकरणपुर।

प्रोढ़ शिक्षा में स्वयं सेवक शिक्षक चयन में फर्जीवाड़ा की शिकायतें निरंतर मिल रही है। इसमें बलविंद्रसिंह व अन्य पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। सीइओ के निर्देश पर एक चार सदस्यीय जांच कमेटी इसकी विस्तृत जांच कर रही है।
हंसराज यादव,डीइओ माध्यमिक शिक्षा,श्रीगंगानगर।