भारतीय पुरुष हॉकी टीम के कप्तान बोले- ओलंपिक मेडल जीतने तक हमारा काम खत्म नहीं होगा

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Published: 17 Apr 2021, 11:23 AM IST

पिछले कई वर्षों से टीम ओलंपिक में कुछ कमाल नहीं दिखा सकी है। भारतीय हॉकी टीम ने मॉस्को ओलंपिक में वर्ष 1980 में अपना अंतिम स्वर्ण पदक जीता था।

ओलंपिक में किसी समय भारतीय पुरुष हॉकी टीम की धाक हुआ करती थी। बता दें कि ओलंपिक में भारतीय हॉकी टीम ने आठ स्वर्ण पदक अपने नाम किए हैं। हालांकि पिछले कई वर्षों से टीम ओलंपिक में कुछ कमाल नहीं दिखा सकी है। भारतीय हॉकी टीम ने मॉस्को ओलंपिक में वर्ष 1980 में अपना अंतिम स्वर्ण पदक जीता था। अब भारतीय हॉकी पुरुष टीम के कप्तान मनप्रीत सिंह को उम्मीद है कि इस बार ओलंपिक में टीम अच्छा प्रदर्शन करेगी और पदक जीतेगी। मनप्रीत का कहना है कि भारतीय पुरुष हॉकी टीम अच्छी फॉर्म में है और इस लय को बरकरार रखते हुए इस वर्ष टोक्यो में ओलंपिक पदक जीतकर चार दशक के सूखे को समाप्त करेगी।

पिछले दो वर्षों में हुआ सुधार
बता देें कि भारतीय हॉकी टीम ने पिछले दो सालों में अपने खेल में सुधार किया है। हाल ही में एफआईएच प्रो लीग में भारतीय टीम ने मौजूदा ओलिंपिक चैम्पियन अर्जेंटीना को हराया। बता दें कि ओलंपिक खेलों की शुरुआत 23 जुलाई से टोक्यो में होगी। मनप्रीत का कहना है कि वे पिछले 18 महीनों में टीम की प्रगति से काफी खुश हैं और अगर टीम यह लय बरकरार रखते हुए इसी तरह का प्रदर्शन करती है तो उन्हें भरोसा है कि भारतीय टीम किसी भी टीम को हरा सकती है।

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अर्जेंटीना को हराने से बढ़ा आत्मविश्वास
हाल ही भारत ने ओलंपिक चैम्पियन अर्जेंटीना को 4-2 से पराजीत किया। इस जीत से भारतीय पुरुष हॉकी टीम का आत्मविश्वास बढ़ गया है। इस पर टीम के कप्तान मनप्रीत ने कहा कि घरेलू मैदान पर अर्जेंटीना जैसी टीम के खिलाफ जीत हासिल करना बड़ी बात है। इससे टीम का आत्मविश्वास बूस्ट हुआ है। हालांकि हमें परिणामों की बजाय उन क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए, जिनमें सुधार की जरूरत है। साथ ही उन्होंने कहा कि उनका काम तब तक खत्म नहीं होगा, जब तक टीम टोक्यो में पोडियम पर खड़े नहीं होती।

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एफआईएच हॉकी प्रो लीग
मनप्रीत ने कहा कि टीम को अभी कुछ क्षेत्रों में सुधार करने की जरूरत है और खेल का स्तर भी बनाए रखना होगा। बता दें कि भारतीय खिलाड़ी छह एफआईएच हॉकी प्रो लीग मैचों के लिए यूरोप रवाना होंगे। हालांकि उससे पहले उन्हें अगले हफ्ते बेंगलुरु में स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया सेंटर में लौटना होगा। बता दें कि टीम का सामना 8 और 9 मई को लंदन में ग्रेट ब्रिटेन से होगा। इसके बाद 15 और 16 मई को वालेंसिया में स्पेन के खिलाफ डबल हेडर होगा। 22 और 23 मई को टीम हैम्बर्ग में जर्मनी के खिलाफ खेलेगी।