बच्चों के अंदर से मोबाइल की लत कैसे हो खत्म और खेलों की भावना कैसे हो जागृत?, जानिए ओलंपिक विजेता की राय

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Published: 04 May 2020, 05:33 PM IST

पत्रिका कीनोट सलोन में ध्यानचंद ने बताया कि आज के बच्चों में खेलों में रुचि कम हुई है, उन्होंने कहा कि खेल एक ऐसी चीज है जो मान-सम्मान के साथ आपके करियर को बेहतर बना सकता है। लिहाजा खेलों के प्रति बच्चे को आगे आना चाहिए।

नई दिल्ली। आज बच्चों में मोबाइल और कंप्यूटर की लत तेजी से बढ़ रही है। बच्चे मोबाइल और कंप्यूटर पर ज्यादा वक्त बीताते हैं, जो सही नहीं है। किसी भी चीज़ को सीखने के लिए मेहनत की जरूरत पड़ती है। बच्चों को मेहनत करनी चाहिए और आत्मविश्वास के दम पर उन्हें आगे बढ़ना चाहिए। उन्हें किताबों और तकनीकी से अलग जाकर मैदान पर पसीना बहाना चाहिए। ये बात ओलंपिक विजेता अशोक ध्यानचंद ने कही।

पत्रिका कीनोट सलोन में ध्यानचंद ने बताया कि आज के बच्चों में खेलों में रुचि कम हुई है, उन्होंने कहा कि खेल एक ऐसी चीज है जो मान-सम्मान के साथ आपके करियर को बेहतर बना सकता है। अगर खिलड़ी राषट्रीय स्तर पर कोई खेल जीतकर आते हैं तो सरकारें उन्हें अच्छी खासी रकम देकर पुरस्कृत करती है। लिहाजा खेलों के प्रति बच्चे को आगे आना चाहिए।

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हालांकि इस दौरान उन्होंने बताया कि पिछले कुछ सालों से इस ओर ध्यान कम दिया जा रहा है। अगर खिलाड़ियों पर ध्यान दिया जाएगा तो निश्चित तौर पर हम आगे बढ़ेंगे। क्योंकि हिंदुस्तान के नाम में चार चांद लगाने के लिए नई पीढ़ी को आगे आना पड़ेगा। देश को आपको देना है..देश आपको नहीं देगा।