She News : गर्भवती महिलाओं के लिए खतरनाक रही दूसरी लहर

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Published: 20 Jun 2021, 02:09 PM IST

स्टडी: कोरोना महामारी की दूसरी लहर गर्भवती महिलाओं और प्रसूताओं के लिए ज्यादा खतरनाक साबित हुई है। पहली लहर की तुलना में इनमें संक्रमण के मामले और मृत्युदर अधिक रही है।

पत्रिका न्यूज नेटवर्क. नई दिल्ली. कोरोना महामारी की दूसरी लहर गर्भवती महिलाओं और प्रसूताओं के लिए ज्यादा खतरनाक साबित हुई है। पहली लहर की तुलना में इनमें संक्रमण के मामले और मृत्युदर अधिक रही है। भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आइसीएमआर) के अध्ययन में पहली और दूसरी लहर के दौरान गर्भवती और प्रसूताओं के मामलों की तुलना की गई है। पिछले दिनों सोशल मीडिया पर भी कई ऐसे मामले सामने आए, जिसमें कोरोना की वजह से कहीं नवजात शिशु ने मां को खो दिया, तो कहीं गर्भवती की अजन्मे बच्चे के साथ मृत्यु हो गई।


गर्भवती महिलाओं की रजिस्ट्री भी
आइसीएमआर और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ रिसर्च इन रिप्रॉडक्टिव हेल्थ की ओर से पिछले वर्ष अगस्त में एक खास प्रोग्राम शुरू किया गया, जिसमें गर्भवती महिलाओं की रजिस्ट्री की जाती है। यह प्रेगकोविड के नाम से है। इसमें गर्भवती व प्रसूताओं के कोविड संक्रमण को लेकर डेटा इकट्ठा किया जाता है।

यह है स्टडी में

टीकाकरण के लिए मंथन
इन दोनों लहर में जिनकी मृत्यु हुई, उनमें दो फीसदी वे महिलाएं थीं जिन्होंने हाल ही शिशुओं को जन्म दिया था। इसलिए अध्ययन में गर्भवती महिलाओं के लिए टीकाकरण जरूरी माना जा रहा है। इसको लेकर नेशनल टेक्निकल एडवाइजऱी ग्रुप ऑफ इम्यूनाइजेशन में मंथन चल रहा है।