गहलोत से मिलने पहुंच रहे गांधी परिवार के नजदीकी नेता, बढ़ रहीं कांग्रेसियों की धड़कन

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Updated: 04 Aug 2021, 12:33 PM IST

मंत्रिमंडल पुनर्गठनः मुलाकातें कर रहीं इशारा, मंत्री हटाने-लगानें को लेकर जारी है मान-मनव्वल का दौर

- शैलजा के बाद हरियाणा कांग्रेस के अध्यक्ष शिवकुमार गहलोत से मिले और दिल्ली पहुंचे
- सवा घंटे मुलाकात के बाद बोलेः यह व्यक्तिगत दौरा, न संदेश और न कोई एजेंडा

जयपुर। राजस्थान में मंत्रिमंडल पुनर्गठन से पहले सियासी पारा चढ़ा हुआ है। यहां मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से मिलने गांधी परिवार के नजदीकी माने जाने वाले नेता एक के बाद एक मिलने पहुंच रहे हैं। प्रदेश प्रभारी माकन ने कहा था कि आलाकमान की ओर से सब कुछ तय हो चुका है, लेकिन गहलोत से लगातार हो रही नेताओं की मुलाकातें इशारा कर रही हैं कि कहीं न कहीं कुछ मुद्दों पर मान-मनव्वल का दौर चल रहा है। सूत्रों के अनुसार मंत्रिमंडल में मंत्री हटाए जाने और लगाए जाने को लेकर आलाकमान किसी भी पक्ष को नाराज नहीं करना चाहता, उसी की ये कवायद चल रही है। बहरहाल, गहलोत से मिलने के लिए हरियाणा कांग्रेस के अध्यक्ष डी.के. शिव कुमार मंगलवार को विशेष विमान से जयपुर पहुंचे और यहां मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से सवा घंटे तक मंत्रणा की। हालांकि जयपुर पहुंचने पर डी.के. शिवकुमार ने मीडिया से जयपुर एयरपोर्ट पर कहा कि उनकी यह निजी यात्रा है। वे व्यक्तिगत दौरे पर आए हैं। यहां किसी का कोई संदेश और एजेंडा लेकर नहीं आया। राजस्थान, कर्नाटक और न केंद्र का कोई मुद्दे लेकर आए हैं। शिव कुमार का बुधवार को दिल्ली में वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात का कार्यक्रम है।

गहलोत से लगातार मुलाकातें

वर्मतान मंत्री और दावेदार अपने भविष्य को लेकर जयपुर से दिल्ली तक जानकारी जुटाने में लगे हैं कि मंत्रिमंडल पुनर्गठन कब होगा और क्या-क्या देखने को मिल सकता है। एक के बाद एक गहलोत से प्रदेश के बाहरी नेताओं की मुलाकातें ने वरिष्ठ नेताओं की धड़कनें बढ़ा दी हैं। दो दिन पहले रविवार को हरियाणा कांग्रेस की अध्यक्ष कुमारी शैलजा ने मुख्यमंत्री से मुलाकात की थी। वहीं, सबसे पहले कांग्रेस के संगठन महासचिव के. सी. वेणुगोपाल और अजय माकन ने मुलाकात की। इसके बाद चुनाव घोषणा पत्र की समीक्षा को लेकर ताम्रध्वज साहू आए थे।

इन सियासी संभावनाओं पर चर्चाएं तेज

- गहलोत खेमा किसी मंत्री को हटाए बिना विस्तार करने के पक्ष में
- पायलट खेमा कुछ मंत्रियों को हटाकर पुनर्गठन के पक्ष में
- आलाकमान परफोरमेंस और भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरे मंत्रियों को हटाने के पक्ष में
- आलाकमान पायलट को फिर से कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष बनाना चाहता हो
- यह भी संभावना गहलोत को किसी बड़ी भूमिका के लिए तैयार करना
- मंत्रिमंडल में पायलट खेमे के विधायकों की मंत्री के लिए संख्या तय करने को लेकर विवाद