राहत की खबर... सचमुच के कोरोना योद्धा निकले चूरू के बच्चे

|

Updated: 18 Jul 2020, 11:03 AM IST

कोरोना से गंभीर जंग के बीच यह खबर राहत प्रदान करने वाली है कि हमारे बच्चे इस लड़ाई में हौसला न खोकर बहादुरी से लड़ते हुए कोविड-19 को मात दे रहे हैं।

चूरू. चूरू के बच्चे सचमुच में कोरोना योद्धा निकले। एक लाइन में कहें तो यही बात दिल से भी निकलती है और जुबान से भी। दरअसल, कोरोना से गंभीर जंग के बीच यह खबर राहत प्रदान करने वाली है कि हमारे बच्चे इस लड़ाई में हौसला न खोकर बहादुरी से लड़ते हुए कोविड-19 को न सिर्फ मात दे रहे हैं, बल्कि अपने से आयु वर्ग में बड़े लोगों में एक अनकहा संदेश भी प्रसारित कर रहे हैं, जो कोरोना से लड़ाई में निश्चित ही कारगर भूमिका अदा करेगा। द

दरअसल, 27/28 मार्च के बाद, जब से चूरू में कोरोना ने दस्तक दी है और खासतौर से प्रवासियों के आगमन के साथ ही 6/7 मई के बाद इसमें जिस कदर तेजी देखने को मिली, उससे सर्वाधिक आशंका बच्चों के संक्रमित होने और उन पर खतरा अधिक होने को लेकर जताई जा रही थी। लेकिन जैसे-जैसे दिन आगे बढ़ते गए, संक्रमितों की तादाद तो बढ़ी, लेकिन अव्वल तो चूरू के बच्चों ने अच्छी प्रतिरोधक क्षमता का परिचय देते हुए अपने को इस संक्रमण से दूर रखा और दूसरी अहम बात, जो बच्चे संक्रमित हुए भी, वे इतनी जल्दी ठीक होकर खुशी-खुशी अस्पतालों से डिस्चार्ज हुए कि इसे देख कर डॉक्टर न सिर्फ खुश हुए, बल्कि हैरत में भी पड़ गए।

करीब 30 बच्चे हुए हैं संक्रमित
चूरू और सरदारशहर के डेडिकेटेड कोविड केयर सेंटर से मिली जानकारी के मुताबिक, दोनों जगह अब तक कुल मिला कर 485 मरीजों में संक्रमण की पुष्टि हुई है। इनमें 350 से भी ज्यादा ऐसे मरीज हैं, जो ठीक होकर घर भी जा चुके हैं। इनमें 30 मरीज ऐसे थे, जो बच्चों की श्रेणी में आते हैं। इनमें 18 महीने के बच्चे से लेकर 14 साल तक के बच्चे शामिल हैं। तथ्य यह भी है कि संक्रमित बच्चों में बालक-बालिकाओं की तादाद तकरीबन समान ही है। खंड मुख्य चिकित्सा अधिकारी (बीसीएमओ) चूरू डॉ. एहसान गौरी के मुताबिक, इनमें 18 बच्चे चूरू शहर में बने डेडिकेटेड कोविड सेंटर (एएनएमटीसी) में भर्ती रह चुके हैं।

4 से 8 दिन लगे बच्चों को ठीक होने में
डॉ. एहसान गौरी के मुताबिक, चूरू के एएनएमटीसी में जिन बच्चों का इलाज हुआ, उनमें सबसे कम उम्र की एक बच्ची है, जो मात्र 18 महीने की है। इसके अलावा यहां 14 साल तक के बच्चे भी संक्रमित होने के बाद भर्ती हुए। करीब 10 बच्चे यहां से डिस्चार्ज हो चुके हैं। इनमें 7 साल का एक बच्चा तो महज चार दिन में ही ठीक होकर घर वापस जा चुका है। यहां भर्ती बच्चों में 4 बच्चे 8 दिन में, तीन सात दिन में, एक बच्चा पांच दिन में ठीक होकर जा चुका है। हालांकि, एक बालिगा इनमें से ऐसी भी रही, जिसको ठीक होने में 11 दिन लग गए। इसकी उम्र 14 साल थी। अब भी 8 बच्चे यहां पर एएनएमटीसी में इलाज रत हैं, जिनमें से एक को छोड़ कर अधिकांश 14 और 15 जुलाई के हैं और ये बिलकुल ठीक हैं।

हैरान करती है बच्चों की रिकवरी रेट: डॉ. दीपक
अब तक करीब 30 संक्रमित बच्चों के इलाज से जुड़े रहे चूरू मेडिकल कॉलेज के सहायक प्रोफेसर डॉ. दीपक चौधरी के मुताबिक उन्हें यह देख कर खुशी भी है और हैरानी भी है कि बच्चे इतनी तेजी से रिकवर कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि यहां तक कि इनमें से तकरीबन सात साल की उम्र के एक बच्चा तो ऐसा भी रहा है, जो कंप्रोमाइज्ड श्रेणी (कैंसर पीडि़त, जिसकी कीमोथेरेपी चल रही थी) का था। यानी कि उसे संक्रमण के बाद हम चिंतित भी हुए थे। लेकिन वह बच्चा आश्चर्यजनक रूप से चार से पांच दिन में ही ठीक हो गया। डॉ. दीपक के मुताबिक, हालांकि कोविड-19 को लेकर अभी तक कोई निश्चित थ्योरी सामने नहीं हैं, लेकिन बच्चों की रिकवरी रेट और उनमें लगने वाला बेहद कम समय निश्चित ही एक राहत प्रदान करता है। गौरतलब है कि बड़ों को ठीक होने में 21-21 दिन का भी समय लग चुका है।
बच्चों में ऐसा रिजल्ट सुखद अहसास: डॉ. गौरी
कोरोना संक्रमितों के इलाज में रत डीबीएच अस्पताल के वरिष्ठ फिजीशियन और चूरू मेडिकल कॉलेज के सहायक प्रोफेसर डॉ. एफ . एच. गौरी भी मानते हैं कि बच्चों में रिकवरी का यह अंदाज वास्तव में सुखद अहसास देता है। हालांकि, साथ ही वे चेताते भी हैं कि इसको लेकर लोगों को जरा भी ढिलाई बरतने की जरूरत नहीं है। चूंकि कोविड-19 को लेकर कई तथ्यों का खुलासा होना अभी बाकी है, लिहाजा बच्चों को पहले की तरह ही अतिरिक्त केयर जारी रखनी होगी। यह सही है कि बच्चे कम समय में ठीक होकर जा रहे हैं, लेकिन कोशिश यही की जानी चाहिए कि बच्चे संक्रमित ही न हों। इसके लिए वही फॉर्मूला अपनाएं। मास्क पहन कर ही बच्चे बाहर निकलें। घर में भी उचित दूरी बना कर रखें। भोजन करते समय खास सावधानी बरतें। किसी को अगर जरा सा भी खांसी-जुकाम है, तो चिकित्सीय सलाह जरूर लें।

चूरू की ताजा खबरों के लिए यहां क्लिक करें...

Related Stories