पत्रिका के अमृतम् जलं अभियान में भगीरथ बने लोग

|

Updated: 10 Aug 2020, 10:00 AM IST

1/14

चौरसियावास तालाब, अजमेर

जून 2019 में राजस्थान पत्रिका अमृतम जलम अभियान के तहत यहां श्रमदान किया गया। शहर के जनप्रतिनिधि, विभिन्न सामाजिक संगठन, युवा नर्सिंग कर्मी व कई गणमान्य लोग इसमें शामिल हुए। उस समय यह तालाब अतिक्रमण से अटा था औऱ सूखा था। अभियान के तहत अतिक्रमण हटवाए गए। श्रमदान के बाद इसमें पानी आया। आज यह तालाब लबालब है।

पत्रिका के आह्वान पर शहरों और गांवों में जन-जन ने अपने-अपने संगठनों के माध्यम से अमृतम् जलं अभियान में भागीदारी दी। एक साथ हजारों हाथ जब किसी जलस्रोत पर जुटते तो देखते ही देखते उसका रूप निखर आता था। पक्के निर्माण के लिए भी कई—कई दिनों तक लोगों ने एक—जुटता दिखाई और मदद की।

अमृतम् जलं अभियान के तहत तालाब, नाडियों, कुएं, हैंडपम्प,बावडियों, छोटे बांध, तलैया व अन्य जलस्रोतों के लिए सफाई अभियान चलाया गया, उसमें से गंदगी निकाली गई। नदियों में से गाद निकाला गया, वहां से अतिक्रमण हटाया गया। जगह—जगह तालाबों का गहरीकरण किया गया। विभिन्न जलस्रोतों को बचाने व वर्षाजल को सहेजने की शपथ ली गई। बुजुर्गों, महिलाओं, बच्चों व लाखों युवाओं ने पूरे उत्साह के साथ इसमें भागीदारी निभाई। जनप्रतिनिधियों व सरकारी संस्थाओं का काफी सहयोग मिला।
वर्ष 2004—05 से चले पत्रिका के इस अभियान के तहत राजस्थान, मध्यप्रदेश,छत्तीसगढ, उत्तरप्रदेश, गुजरात,पं बंगाल,कर्नाटक, तमिलनाडु व महाराष्ट्र में विभिन्न वर्षों में अब तक लगभग 7 हजार स्थानों पर 12 लाख से अधिक लोग जुड चुके हैं।